जनता दरबार में 134 फरियादें सुनीं, कई मामलों का मौके पर निस्तारण

हर पीड़ित की आवाज़ बनी प्रशासन की प्राथमिकता

देहरादून। जनता की समस्याओं के त्वरित समाधान के लिए जिलाधिकारी सविन बंसल के निर्देश पर सोमवार को ऋषिपर्णा सभागार में जनता दरबार आयोजित किया गया। अपर जिलाधिकारी केके मिश्रा की अध्यक्षता में आयोजित इस दरबार में भारी संख्या में लोग अपनी शिकायतें लेकर पहुंचे। प्रशासन ने लोगों की समस्याओं को गंभीरता से सुना और कई मामलों का मौके पर ही समाधान कर दिया।

एडीएम मिश्रा ने बताया कि भूमि विवाद, अवैध कब्जा, सीमांकन, अतिक्रमण, प्रमाण पत्र, आपदा क्षतिपूर्ति, आर्थिक सहायता, भरण-पोषण, सामाजिक सुरक्षा योजनाओं सहित 134 शिकायतें दर्ज की गईं। उन्होंने कहा कि शासन की मंशा के अनुरूप हर वास्तविक फरियादी को न्याय दिलाना प्रशासन की प्राथमिकता है।

दरबार में ऋषिकेश निवासी 75 वर्षीय विधवा चम्पागिरी ने अपनी संपत्ति पर कब्जा करने की नीयत से मारपीट और धमकी देने की शिकायत की। इस पर एडीएम ने एसपी ग्रामीण को तत्काल जांच कर दोषियों पर कड़ी कार्रवाई के आदेश दिए। इसी प्रकार सुद्वोवाला निवासी कृष्णा देवी ने अपने बड़े बेटे द्वारा उत्पीड़न व देखभाल न करने की शिकायत की। एडीएम ने विकासनगर एसडीएम को भरण-पोषण अधिनियम के तहत वाद दर्ज कर मामले का निस्तारण करने के निर्देश दिए। बल्लूपुर की एक 70 वर्षीय महिला ने दामाद द्वारा मकान कब्जाने और मारपीट की शिकायत की, जिस पर एसपी सिटी को जांच सौंपते हुए त्वरित कार्रवाई के निर्देश दिए गए।

जनता दरबार में प्रस्तुत हृदयस्पर्शी मामलों में मोथरोवाला निवासी पूजा और नत्थनपुर निवासी कुसुम देवी की आर्थिक तंगी के प्रकरण प्रमुख रहे। पूजा ने बताया कि उसके पति की दोनों किडनी खराब हैं, तीन बेटियों की पढ़ाई भी रुक गई है। कुसुम देवी ने पति की मृत्यु के बाद आर्थिक संकट की बात रखी। दोनों के मामलों में एडीएम ने तहसील प्रशासन को जांच रिपोर्ट के साथ आर्थिक सहायता का प्रस्ताव भेजने के निर्देश दिए।

अजबपुरखुर्द के निवासियों ने सीवर लाइन, पुलिया निर्माण और अधूरी सड़कों की शिकायत की। इस पर एडीएम ने शहरी विकास विभाग को तुरंत कार्रवाई करने के निर्देश दिए। बादामवाला क्षेत्र की नालियों में जल जमाव की शिकायत पर लोक निर्माण विभाग के अभियंता को नाली खुलवाने का आदेश दिया गया। कोटि कनसार निवासी व्यक्ति ने राजस्व अभिलेखों में अपना नाम दर्ज न होने की शिकायत की, जिस पर एसडीएम चकराता को तत्काल सुधार की कार्रवाई हेतु निर्देशित किया गया।

रायपुर निवासी संदीप कुमार पाल ने एक प्रॉपर्टी डीलर पर धोखाधड़ी का आरोप लगाते हुए बताया कि पैसे देने के बाद भी संपत्ति नहीं दी गई। इस पर एडीएम ने सीओ पुलिस को विधिवत जांच कर कार्रवाई का आदेश दिया। राजेंद्र नगर निवासी गीता धवन ने किरायेदार द्वारा मकान खाली न करने और कब्जे की कोशिश के आरोप लगाए, जिस पर एसडीएम और सीओ सिटी को किराया एक्ट के तहत कार्यवाही करने के निर्देश मिले।

दरबार में उपस्थित बड़ी संख्या में फरियादियों में से अधिकांश की समस्याओं का मौके पर समाधान कर दिया गया। लोगों ने प्रशासन की तत्परता पर संतोष जताते हुए जिलाधिकारी और एडीएम को धन्यवाद दिया। एडीएम मिश्रा ने कहा कि जिलाधिकारी के निर्देशानुसार जनता से जुड़े हर मुद्दे पर प्राथमिकता के आधार पर कार्यवाही की जा रही है।

जनता दरबार में उपनगर आयुक्त संतोष कुमार पांडेय, तहसीलदार सुरेंद्र सिंह, विवेक राजौरी, जिला प्रोबेशन अधिकारी मीना बिष्ट, डीपीओ जितेंद्र कुमार सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद रहे। प्रशासन का कहना है कि इस तरह के जनता दरबार आगे भी निरंतर जारी रहेंगे, ताकि समाज के हर वर्ग की आवाज़ शासन तक सीधे पहुँचे और उसका न्यायपूर्ण समाधान हो सके।

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