वंदे मातरम् के 150 वर्ष: जनपद में गूंजा राष्ट्रभक्ति का स्वर

देहरादून। राष्ट्रगीत वंदे मातरम् के 150 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में शुक्रवार को जनपद भर में देशभक्ति की अनूठी गूंज सुनाई दी। प्रातः 10 बजे सभी सरकारी व गैर सरकारी कार्यालयों, शिक्षण संस्थानों और सामाजिक संगठनों में एक साथ वंदे मातरम् का सामूहिक गायन किया गया।

जिलाधिकारी सविन बंसल के दिशा-निर्देशन में जिला कार्यालय में आयोजित कार्यक्रम में उप जिलाधिकारी अपूर्वा सिंह की उपस्थिति में क्लेक्ट्रेट परिसर के अधिकारियों, कर्मचारियों और श्री गोवर्धन सरस्वती विद्या मंदिर की छात्राओं ने एक स्वर में राष्ट्रगीत का गायन किया। कार्यक्रम के दौरान परिसर देशभक्ति के भाव से सराबोर रहा।

उप जिलाधिकारी अपूर्वा सिंह ने कहा कि वंदे मातरम् केवल एक गीत नहीं, बल्कि यह राष्ट्र के प्रति सम्मान, एकता और प्रेरणा का प्रतीक है। उन्होंने बताया कि यह गीत 1875 में बंकिमचंद्र चट्टोपाध्याय द्वारा रचित हुआ था और स्वतंत्रता संग्राम के दौरान यह जन-जन की आवाज बना।

कार्यक्रम का समापन भारत माता की जय के उद्घोष के साथ हुआ। इस अवसर पर क्लेक्ट्रेट परिसर के सभी अधिकारी, कर्मचारी, शिक्षक और छात्र-छात्राएं उत्साहपूर्वक उपस्थित रहे।

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