ग्राफिक एरा यूनिवर्सिटी में हुआ 15वाँ IconSWM-CE एवं IPLA ग्लोबल फोरम 2025 का उद्घाटन

-भारत एवं विश्व के विशेषज्ञों की भागीदारी के साथ कचरा प्रबंधन और परिपत्र अर्थव्यवस्था पर विचार-विमर्श

-पर्यावरण संरक्षण आज की सर्वाधिक महत्वपूर्ण आवश्यकता : श्री सुबोध उनियाल

-पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय के वैज्ञानिक एवं उपनिदेशक डॉ. विपिन गुप्ता को “यंग एनवायरनमेंट विजनरी अवार्ड 2025” से सम्मानित किया गया

देहरादून : ग्राफिक एरा डीम्ड टू बी यूनिवर्सिटी, देहरादून में 15वाँ IconSWM-CE एवं IPLA ग्लोबल फोरम 2025 का भव्य उद्घाटन हुआ। इस अवसर पर “स्कूल चिल्ड्रन्स कांग्रेस ऑन वेस्ट मैनेजमेंट एंड सर्कुलर इकोनॉमी” का भी आयोजन किया गया, जिसमें देशभर से आए विद्यार्थियों ने पर्यावरण संरक्षण, अपशिष्ट प्रबंधन तथा परिपत्र अर्थव्यवस्था के विषय पर अपने नवाचार एवं विचार प्रस्तुत किए। कार्यक्रम का शुभारंभ उत्तराखंड सरकार के माननीय वन मंत्री श्री सुबोध उनियाल जी ने मुख्य अतिथि के रूप में किया। उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि “पर्यावरण संरक्षण आज की सर्वाधिक महत्वपूर्ण आवश्यकता है। यदि हम अपनी जीवनशैली को प्रकृति के अनुरूप बनाएं, तो स्वच्छ और सतत भविष्य का निर्माण संभव है।”

कार्यक्रम की अध्यक्षता ग्राफिक एरा डीम्ड टू बी यूनिवर्सिटी के कुलपति प्रो. नर्पिन्दर सिंह ने की। उन्होंने कहा कि “इस प्रकार के वैश्विक मंच विद्यार्थियों में वैज्ञानिक दृष्टिकोण विकसित करने के साथ-साथ उन्हें पर्यावरणीय दायित्वों के प्रति जागरूक बनाते हैं।” इस अवसर पर इंटरनेशनल सोसाइटी ऑफ वेस्ट मैनेजमेंट, एयर एंड वाटर के महानिदेशक डॉ. साधन घोष ने सम्मेलन के उद्देश्यों एवं वैश्विक स्तर पर कचरा प्रबंधन में हो रहे नवाचारों पर प्रकाश डाला।

कार्यक्रम के दौरान पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय के वैज्ञानिक एवं उपनिदेशक डॉ. विपिन गुप्ता को “यंग एनवायरनमेंट विजनरी अवार्ड 2025” से सम्मानित किया गया। डॉ. गुप्ता को यह सम्मान पर्यावरण संरक्षण, प्रदूषण नियंत्रण, तथा जनजागरूकता अभियानों में उनके उल्लेखनीय योगदान के लिए प्रदान किया गया। उन्होंने बीते वर्षों में मिशन लाइफ के तहत 25,000 से अधिक नागरिकों को पर्यावरण अनुकूल जीवनशैली अपनाने हेतु प्रेरित किया है तथा विभिन्न औद्योगिक क्षेत्रों में प्रदूषण मापदंडों के मूल्यांकन और सुधार में महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाई है।

कार्यक्रम में देश-विदेश के विशेषज्ञों, शोधकर्ताओं, छात्रों एवं नीति-निर्माताओं ने भाग लिया। सम्मेलन का उद्देश्य अपशिष्ट प्रबंधन के क्षेत्र में नवाचार, अनुसंधान, एवं नीति-निर्माण को एक साझा मंच पर लाना है ताकि सर्कुलर इकोनॉमी को व्यवहारिक रूप दिया जा सके।

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