

2 माह से बिना वेतन संघर्ष कर रहे BRP-CRP, मोर्चे ने सीएम से मांगी बर्खास्तगी
विकासनगर (देहरादून)। समग्र शिक्षा अभियान के तहत कार्यरत प्रदेश भर के लगभग 750 बीआरपी (ब्लॉक संसाधन व्यक्ति) एवं सीआरपी (संकुल संसाधन व्यक्ति) कार्मिकों को पिछले दो माह से वेतन नहीं मिल पाया है। कार्मिकों की इस बदहाली के बीच जन संघर्ष मोर्चा ने शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत पर गंभीर आरोप लगाते हुए उन्हें ‘गैर जिम्मेदार’ बताया और मंत्रिमंडल से बर्खास्त करने की मांग की है।
जन संघर्ष मोर्चा के अध्यक्ष एवं जीएनवीएन (गढ़वाल न्यायिक विकास निगम) के पूर्व उपाध्यक्ष रघुनाथ सिंह नेगी ने शनिवार को विकासनगर में पत्रकारों से वार्ता करते हुए यह मामला उठाया। उन्होंने कहा कि कार्मिकों का घर का किराया, बच्चों की फीस जैसी बुनियादी जरूरतें अटकी हैं, लेकिन मंत्री धन सिंह रावत को इसकी कोई चिंता नहीं है। नेगी ने कटाक्ष करते हुए कहा, “प्रतीत होता है कि मंत्री गहरी नींद अथवा कोमा में चले गए हैं!”
नेगी ने आरोप लगाया कि मंत्री को सिर्फ अपने आर्थिक संसाधन बढ़ाने की चिंता है। उन्होंने सवाल उठाया कि आखिर सरकार ऐसे मंत्री को क्यों ढो रही है, जिस पर प्रतिमाह लाखों रुपए खर्च किए जा रहे हैं। मोर्चा अध्यक्ष ने कहा कि शिक्षा विभाग को समय रहते भारत सरकार से समन्वय स्थापित करना चाहिए था, जिससे कार्मिकों को समय पर वेतन मिल सके।
गौरतलब है कि इससे पूर्व भी बीआरपी-सीआरपी कार्मिकों के वेतन भुगतान को लेकर विवाद हो चुका है। कार्मिकों को प्रतिमाह 40,000 रुपए मानदेय निर्धारित है, लेकिन आउटसोर्सिंग एजेंसियों द्वारा 18% जीएसटी, पीएफ, ग्रेच्युटी एवं 3.85% सर्विस चार्ज की कटौती की जाती है। नेगी ने आरोप लगाया कि एजेंसियां कर्मचारियों को पे-स्लिप भी नहीं देतीं, जिससे उन्हें वेतन कटौती की वास्तविक जानकारी नहीं मिल पाती।
जन संघर्ष मोर्चा ने चेतावनी दी है कि वह ऐसे गैर जिम्मेदार मंत्री के खिलाफ आंदोलन करेगा। नेगी ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से मांग की है कि धन सिंह रावत को तत्काल मंत्रिमंडल से बाहर किया जाए।
पत्रकार वार्ता के दौरान मोर्चा के हाजी असद एवं प्रवीण शर्मा ‘पिन्नी’ भी मौजूद रहे।

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