28 जनवरी से शुरू हुए 38 वें राष्ट्रीय खेलों में उत्तराखंड ने बनाई नई पहचान।
देहरादून,09फरवरी2025।उत्तराखंड में आयोजित हो रहे 38 वें राष्ट्रीय खेलों की तयारी और विकसित की गई अवस्थापना सुविधाओं की जोरदार सराहना हो रही है। मेहमान खिलाड़ी और कोच, खेलों के लिए बनाए गए बुनियादी ढांचे को उत्कृष्ट बता रहे हैं। हालांकि, उनके अनुसार, राष्ट्रीय खेलों के बाद इस इंफ्रास्ट्रक्चर को संवारने के लिए ठोस कदम उठाने की भी आवश्यकता है।
खेलों का आयोजन:
इस महा आयोजन का आरंभ 28 जनवरी से हो चुका है, जिसके लिए राज्य को बहुत कम समय मिला था। फिर भी, देहरादून, हरिद्वार, हल्द्वानी, पिथौरागढ़, और रूद्रपुर जैसे स्थानों पर 35 खेलों के लिए उच्चतम स्तर पर सुविधाओं का निर्माण किया गया है। महाराणा प्रताप स्पोर्ट्स कॉलेज परिसर में हुए कायाकल्प से देशभर के खिलाड़ी काफी संतुष्ट हैं।
खिलाड़ियों और कोचों की प्रतिक्रियाएं:
- माया, पश्चिम बंगाल की शूटिंग कोच, ने कहा, “त्रिशूल शूटिंग रेंज बेहतरीन है। अगर इसकी देख-रेख सही तरीके से की जाए, तो यहां बड़े खेल आयोजनों का आयोजन संभव है।”
- आशीष शर्मा, मणिपुर टीम के टेक्निकल ऑफिसर, ने कहा, “उत्तराखंड ने विश्व स्तरीय अवस्थापना सुविधाएं तैयार की हैं। गुवाहाटी में रख-रखाव अच्छा रहा है, यहाँ भी ऐसा ही होना चाहिए।”
- कुमालिका, झारखंड की आर्चरी खिलाड़ी, ने कहा, “उत्तराखंड के खिलाड़ियों को अब आगे बढ़ने में काफी मदद मिलेगी।”
- प्रियांक त्यागी, यूपी के आर्चरी कोच, ने बताया, “उत्तराखंड में खेल के लिए बहुत अच्छा इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार किया गया है, जिससे आगामी दिनों में फायदा होगा।”
रखरखाव की योजना:
खेलों के बाद अवस्थापना सुविधाओं के रखरखाव के लिए उत्तराखंड गंभीर है। खेल विभाग एक अकादमी के गठन पर विचार कर रहा है, जिसमें रोजाना बैठकें की जा रही हैं। खेल निदेशक प्रशांत आर्या ने बताया कि प्रस्ताव शासन को जल्द ही भेजा जाएगा।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी का बयान:
“देशभर से आए मेहमानों की सराहना उत्तराखंड के लिए प्रेरणा का स्रोत है। हम चाहते हैं कि न केवल उत्तराखंड बल्कि अन्य राज्यों की खेल प्रतिभाएं भी विकसित हों। अवस्थापना सुविधाओं के रखरखाव के लिए बेहतरीन इंतजाम किए जाएंगे।”
इस महा आयोजन ने उत्तराखंड को एक नए खेल क्षितिज पर लाकर खड़ा कर दिया है, जहां आने वाले दिनों में खेल प्रतिभाओं को और भी बढ़ावा मिलेगा।

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