देहरादून, 9 फरवरी 2025: अभिसूचना मुख्यालय उत्तराखंड में आज “मिलेट मैन ऑफ इंडिया” के रूप में विख्यात डॉ. खादिर वली ने मोटे अनाज (श्रीधान्य) के महत्व पर एक महत्वपूर्ण कार्यक्रम में अपने अनुभव और विचार साझा किए। इस अवसर पर उन्होंने पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों को मोटे अनाज के सेवन को अपने दैनिक जीवन में शामिल करने के लिए प्रेरित किया।
कार्यक्रम का संचालन करते हुए श्री ए पी अंशुमान, अपर पुलिस महानिदेशक, प्रशासन/अभिसूचना एवं सुरक्षा ने डॉ. वली का पुष्प गुच्छ भेंट कर स्वागत किया। उन्होंने कहा, “डॉ. खादिर वली द्वारा फैलाया गया जन जागरूकता का दृष्टिकोण न केवल राष्ट्र के लिए, बल्कि मानव जाति के लिए बेहद लाभकारी है।” उन्होंने यह भी बताया कि मोटे अनाज, जो कि प्रकृति द्वारा दिए गए अत्यंत पोषक तत्व हैं, हमारे पूर्वजों के स्वस्थ जीवन का मुख्य आधार थे। परंतु आजकल फास्ट फूड और प्रोसेस्ड खाद्य पदार्थों के बढ़ते उपयोग से जीवनशैली में परिवर्तन आ गया है, जिसके परिणामस्वरूप कई बीमारियों का सामना करना पड़ता है।

डॉ. वली ने अपने संबोधन में कहा, “श्रीधान्य भारतीय संस्कृति और कृषि परंपरा का अभिन्न हिस्सा है। यह न केवल पोषण देता है, बल्कि विभिन्न बीमारियों को रोकने में भी मदद करता है। अगर आपका भोजन सही है तो दवाई की आवश्यकता नहीं होती।” उन्होंने मोटे अनाजों के लाभों को विस्तार से समझाते हुए मधुमेह, हृदय रोग और मोटापे जैसी बीमारियों से बचने के लिए उनके सेवन की आवश्यकता पर जोर दिया।
इस कार्यक्रम में श्री वी. मुरूगेशन, अपर पुलिस महानिदेशक, अपराध एवं कानून व्यवस्था ने डॉ. खादिर वली को उनके योगदान के लिए प्रतीक चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया। समारोह के अंत में उपस्थित सभी पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों ने मोटे अनाज को अपने आहार का हिस्सा बनाने और इसे बढ़ावा देने का संकल्प लिया।

उक्त कार्यक्रम में विश्व स्वास्थ्य संगठन की देश की प्रमुख श्रीमती भूपेंद्र कौर औलख, पुलिस महानिरीक्षक और अन्य उच्च पुलिस अधिकारी भी उपस्थित थे। सभी ने मोटे अनाज के विषय में जागरूकता बढ़ाने और इसे अपने जीवन में शामिल करने की आवश्यकता पर बल दिया।

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