विधानसभा सत्र के दौरान भाजपा को याद दिलाएंगे चुनावी वायदे  : मोहित डिमरी

– 2022 विधानसभा चुनाव के दौरान जारी दृष्टिपत्र में से 90 प्रतिशत वादे आज भी अधूरे
देहरादून(आरएनएस)। मूल निवास, भू-कानून समन्वय संघर्ष समिति ने भाजपा की ओर से 2022 विधानसभा चुनाव में जनता से किए वादों को पूरा करने की मांग की। साथ ही दिल्ली की तरह उत्तराखंड के लोगों को भी बिजली और पानी फ्री देने की वकालत की। उन्होंने मौजूदा विधायकों के वेतन भत्ते बढ़ाने और पूर्व विधायकों की पेंशन बढ़ोतरी पर भी सवाल खड़े किए। समिति ने जनता से किये वादों को याद दिलाने के लिए 18 फरवरी को बजट सत्र के दौरान विधानसभा जाने का निर्णय लिया है। देहरादून प्रेस क्लब में आयोजित पत्रकार वार्ता में मूल निवास, भू-क़ानून संघर्ष समिति के संयोजक मोहित डिमरी ने कहा कि भाजपा ने 2022 विधानसभा चुनाव के दौरान एक दृष्टिपत्र जारी किया था। उस दृष्टिपत्र में जनता से कई लुभावने वादे किए गए। जिसमें से 90 प्रतिशत वादे आज तक पूरे नहीं हुए। कहा कि भाजपा द्वारा दिल्ली की जनता को पूर्ववर्ती आम आदमी पार्टी सरकार की शुरू की गई फ्री बिजली और पानी की लाभ दिया जा रहा है। उत्तराखंड की जनता को भी फ्री बिजली और पानी दिया जाय। बिजली उत्पादन के बावजूद उत्तराखंड की जनता को महंगी दरों पर बिजली दी जा रही है। हिमालयी राज्य उत्तराखंड में पानी का भंडार होने के बावजूद जनता पानी का बिल भरने को मजबूर है। विधायकों और पूर्व विधायकों के वेतन-भत्ते और पेंशन के मुद्दे को भी जोरशोर से उठाया। उन्होंने कहा कि गैरसैंण में हुए विधानसभा सत्र में विधायकों का वेतन भत्ते चार लाख तक किया गया और अब बजट सत्र में पूर्व विधायकों को 60 हजार रुपये पेंशन देने का प्रस्ताव पारित होगा। उन्होंने कहा कि क्या सिर्फ विधायकों और पूर्व विधायकों के ऐशोआराम के लिए ही सत्र आयोजित हो रहे हैं ? जनता के मुद्दों पर काम क्यों नहीं किया जा रहा ? उपनल और आउटसोर्स कर्मचारी समान कार्य के लिए समान वेतन देने की मांग को लेकर सड़कों पर लड़ रहे हैं। इस मौके पर संघर्ष समिति के कॉर्डिनेटर प्रमोद काला, कोर मेंबर विपिन नेगी, युवा प्रभारी आशीष नौटियाल, अनूप गोदियाल मौजूद रहे।

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