उत्तरैंणी-मकरैंण महोत्सव: उत्तराखंड की संस्कृति, विरासत और विकास का संगम
गाजियाबाद,02मार्च2025(आरएनएस)मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने रविवार को इन्द्रापुरम, गाजियाबाद में पर्वतीय प्रवासी जन-कल्याण समिति गाजियाबाद द्वारा आयोजित ‘उत्तरैंणी-मकरैंण महोत्सव’ में प्रतिभाग किया। उन्होंने इस अवसर पर उत्तराखंडी प्रवासियों को संबोधित करते हुए कहा कि यह महोत्सव राज्य की संस्कृति, वेशभूषा, खानपान और अपनेपन का प्रतीक है।
मुख्यमंत्री ने प्रवासियों से अपने पैतृक गांवों के विकास में योगदान देने की अपील करते हुए कहा कि उत्तराखंड सरकार प्रवासी भाई-बहनों के सहयोग से राज्य के समग्र विकास की दिशा में निरंतर कार्य कर रही है। उन्होंने बताया कि कई प्रवासी उत्तराखंडियों ने अपने गांवों को गोद लेकर राज्य के विकास में अहम भूमिका निभाई है।
मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश में विकास और विरासत दोनों को समान रूप से महत्व दिया जा रहा है। उत्तराखंड में भी चारधाम परियोजना, मानसखंड मंदिर माला मिशन, केदारनाथ पुनर्निर्माण और बद्रीनाथ मास्टर प्लान जैसे कार्यों के माध्यम से राज्य की सांस्कृतिक और धार्मिक धरोहर को सहेजने का प्रयास किया जा रहा है।

उन्होंने बताया कि 2027 में हरिद्वार में होने वाले कुंभ के लिए गंगा कॉरिडोर का कार्य तेज़ी से आगे बढ़ रहा है। साथ ही, टनकपुर में शारदा कॉरिडोर का विकास भी जारी है। राज्य सरकार होमस्टे योजना, लखपति दीदी योजना, एक जनपद दो उत्पाद और हाउस ऑफ हिमालयाज जैसी योजनाओं से स्थानीय आजीविका को सशक्त बना रही है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड ने देश में पहली बार समान नागरिक संहिता (UCC) को लागू कर एक ऐतिहासिक कदम उठाया है। इसके अलावा, सशक्त भू-कानून, धर्मांतरण विरोधी कानून और दंगारोधी कानून लागू कर राज्य की सांस्कृतिक और सामाजिक पहचान को सुरक्षित रखने का कार्य किया गया है।
इस अवसर पर उत्तर प्रदेश सरकार के कैबिनेट मंत्री सुनील शर्मा, सागर रावत, विजय रावत, दिनेश बड़ोला, पी.एन. शर्मा, आशीष नेगी, मोहन नेगी, खीम सिंह नेगी समेत कई गणमान्य लोग उपस्थित रहे।

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