उत्तराखंड को ग्रामीण विकास योजनाओं के लिए 213 करोड़ रुपये की स्वीकृति

केंद्र सरकार ने सराही राज्य की प्रगति

नई दिल्ली,05March2025(RNS) ग्रामीण विकास मंत्रालय, भारत सरकार ने उत्तराखंड राज्य की ग्रामीण विकास योजनाओं के लिए वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए 213 करोड़ रुपये की महत्वपूर्ण स्वीकृति दी है। यह स्वीकृति सचिव, ग्रामीण विकास मंत्रालय की अध्यक्षता में आयोजित एक उच्च-स्तरीय बैठक में प्रदान की गई, जिसमें राज्य की ग्राम्य विकास की कार्ययोजना की समीक्षा की गई।
बैठक में, उत्तराखंड राज्य की ओर से सचिव, ग्राम्य विकास श्रीमती राधिका झा ने वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए राज्य की ग्राम्य विकास की कार्ययोजना का विस्तृत प्रस्तुतीकरण दिया। प्रस्तुतीकरण के बाद, इम्पावर्ड कमेटी ने राज्य को ग्रामीण विकास की केंद्रीय योजनाओं पर भौतिक और वित्तीय स्वीकृति प्रदान की, जो राज्य की प्रगति और योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन को दर्शाता है।

प्रमुख स्वीकृतियाँ और योजनावार विवरण:
* दीनदयाल अंत्योदय योजना-राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (डीएवाई-एनआरएलएम):
* उत्तराखंड ने वित्तीय वर्ष 2024-25 के लक्ष्यों को शत-प्रतिशत पूरा किया, जिसके लिए राज्य को बोनस किस्त के रूप में 32 करोड़ रुपये की अतिरिक्त स्वीकृति मिली है।
* वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए, राज्य को 142.21 करोड़ रुपये की स्वीकृति दी गई है, जो पिछले वित्तीय वर्ष की तुलना में 35% अधिक है।
* राज्य को स्वीकृत राशि का 150% (213.32 करोड़ रुपये) तक खर्च करने की अनुमति दी गई है, जिससे राज्य अपनी विकास योजनाओं को तेजी से लागू कर सकेगा।
* इम्पावर्ड कमेटी ने इस योजना के तहत राज्य की प्रगति की सराहना की, और उत्तराखंड को देश का पहला राज्य बताया जिसे बोनस किस्त के लिए चुना गया।
* दीनदयाल उपाध्याय ग्रामीण कौशल योजना (डीडीयू-जीकेवाई):
* उत्तराखंड और पंजाब को देश में इस योजना के तहत सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाले राज्यों के रूप में सराहा गया।
* उत्तराखंड ने शत-प्रतिशत लक्ष्यों को पूरा किया, जिसके बाद भारत सरकार ने राज्य को अतिरिक्त लक्ष्य भी आवंटित किए।
* महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम (मनरेगा):
* वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए, राज्य को 200 लाख मानव दिवस के श्रम बजट की स्वीकृति दी गई है, जो राज्य द्वारा प्रस्तावित 187.66 लाख मानव दिवस से अधिक है।
* यह स्वीकृति राज्य में मनरेगा के प्रभावी क्रियान्वयन और रोजगार सृजन की दिशा में किए गए प्रयासों को दर्शाती है।
* प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना (पीएमजीएसवाई):
* इम्पावर्ड कमेटी ने राज्य द्वारा सड़कों की निगरानी के लिए बनाए गए ऐप की सराहना की।
* कमेटी ने फेज-4 की सड़कों के निर्माण के लिए सर्वेक्षण में जनप्रतिनिधियों, विशेषकर सांसदों और विधायकों की राय लेने का सुझाव दिया।
* अन्य भारत सरकार के ऐप्स को राज्य के ऐप के साथ एकीकृत करने के लिए अपेक्षित सहयोग प्रदान करने का आश्वासन दिया गया।
* प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण (पीएमएवाई-जी):
* इम्पावर्ड कमेटी ने राज्य की प्रगति की सराहना की, विशेषकर पीएम जनमन के तहत आवास निर्माण में।
बैठक में उपस्थित अधिकारी:
* सचिव, ग्राम्य विकास, श्री मनुज गोयल
* अपर सचिव, ग्राम्य विकास, श्री हिमांशु खुराना
* सीईओ, पीएमजीएसवाई, श्रीमती अनुराधा पाल
* अपर सचिव, ग्राम्य विकास, श्री उमेश नारायण पांडे
* निदेशक, सोशल ऑडिट और ग्राम्य विकास विभाग के अन्य अधिकारी
यह स्वीकृति उत्तराखंड में ग्रामीण विकास को नई गति प्रदान करेगी और राज्य के ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले लोगों के जीवन में सुधार लाएगी। केंद्र सरकार ने राज्य की प्रगति की सराहना की है, जो राज्य सरकार के ग्रामीण विकास के प्रति समर्पण और प्रभावी क्रियान्वयन को दर्शाता है।

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