चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी लखनऊ ने 10 वैश्विक कंपनियों के साथ समझौता कर उन्नत उद्योग-समर्थित पाठ्यक्रमों की शुरुआत की

लखनऊ, 5 मार्च (आरएनएस ) उद्योग-संरेखित भविष्य की शिक्षा को बढ़ावा देकर उद्योग-अकादमिक अंतर को दूर करने के उद्देश्य से, एआई-संवर्धित चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी लखनऊ ने कंप्यूटर विज्ञान इंजीनियरिंग, सिविल इंजीनियरिंग, प्रबंधन और वाणिज्य, कंप्यूटर अनुप्रयोगों के क्षेत्र में अगली पीढ़ी के उद्योग सहयोगी कार्यक्रमों की पेशकश करने के लिए शीर्ष 10 वैश्विक और भारतीय बहुराष्ट्रीय कंपनियों (एमएनसी) के साथ एक ऐतिहासिक एमओयू (समझौता ज्ञापन) पर हस्ताक्षर किए।चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी लखनऊ ने गूगल, माइक्रोसॉफ्ट, आईबीएम, एसएएस, रैबिट एआई, क्विक हील, केपीएमजी, पीडब्ल्यूसी, एनएसई और ग्रांट थॉर्नटन सहित उद्योग जगत की दिग्गज कंपनियों के साथ इन समझौता ज्ञापनों पर हस्ताक्षर किए। यह सहयोग इंजीनियरिंग (बीटेक), बिजनेस एंड कॉमर्स (बीबीए/एमबीए) और कंप्यूटर एप्लीकेशन (बीसीए/एमसीए) सहित तीन शैक्षणिक धाराओं में 15 उद्योग सहयोगी कार्यक्रम (8 यूजी और 7 पीजी) प्रदान करने के लिए किया गया।इसके साथ ही चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी लखनऊ भारत की पहली यूनिवर्सिटी बन गई है, जिसने उत्तर प्रदेश में एक ही दिन में 10 वैश्विक उद्योग दिग्गजों के साथ सहयोग किया है, जिससे आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, मशीन लर्निंग, डेटा साइंस, डेटा एनालिटिक्स, क्लाउड कंप्यूटिंग, फिनटेक और साइबर सिक्योरिटी के भविष्य और उभरते क्षेत्रों में उद्योग सहयोगी कार्यक्रम पेश किए जा सकें।इन सहयोगी कार्यक्रमों के तहत उद्योग विशेषज्ञ पाठ्यक्रम विकसित करेंगे, नौकरी की नियुक्ति सुनिश्चित करेंगे, सहयोगी शोध परियोजनाएं संचालित करेंगे, इंटर्नशिप, कार्यशालाएं, प्रमाणन, लाइव उद्योग परियोजनाएं, अतिथि व्याख्यान, मूल्य-केंद्रित शिक्षा सुनिश्चित करेंगे, प्रतियोगिताएं और मेंटरशिप कार्यक्रम आयोजित करेंगे। छात्रों को उद्योग की वास्तविक समस्याओं को हल करने के लिए सहयोगी कार्यक्रमों पर काम करने का अवसर मिलेगा।माइक्रोसॉफ्ट के साथ हुए समझौते के तहत चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी लखनऊ बीटेक सीएसई (एआई और एमएल) पाठ्यक्रम पेश करने वाली यूपी की पहली यूनिवर्सिटी बन गई है। माइक्रोसॉफ्ट की तकनीकी सलाहकार प्रत्युषा थुमिकी ने कहा कि इस पाठ्यक्रम से छात्रों को नवीनतम एआई और उभरती हुई तकनीकों का व्यावहारिक प्रशिक्षण मिलेगा।आईबीएम के साथ हुए समझौते के तहत एमबीए बिजनेस एनालिटिक्स पाठ्यक्रम पेश किया जाएगा, जिसमें छात्रों को प्रोजेक्ट-आधारित शिक्षा, उद्योग लाइव केस स्टडीज, आईबीएम दिवस, हैकाथॉन और डिजिटल बैज प्राप्त करने का अवसर मिलेगा।केपीएमजी और पीडब्ल्यूसी के सहयोग से एमबीए बिजनेस एनालिटिक्स, बीबीए फिनटेक और एमबीए एप्लाइड फाइनेंस पाठ्यक्रम शुरू किए जाएंगे, जो छात्रों को उद्योग से जुड़े डेटासेट, केस स्टडी और वैश्विक प्रमाणपत्रों से लैस करेंगे।एसएएस के सहयोग से एमसीए (एआई और एमएल), एमटेक (एआई और एमएल) और एमबीए (डेटा साइंस और एआई) कार्यक्रम शुरू किए जाएंगे, जिससे छात्रों को डेटा विश्लेषण, भविष्य कहनेवाली मॉडलिंग और डेटा विज़ुअलाइज़ेशन में दक्षता हासिल करने का अवसर मिलेगा।क्विक हील के सहयोग से बीटेक (साइबर सुरक्षा) पाठ्यक्रम पेश किया जाएगा, जिसमें छात्रों को रेड टीमिंग, ब्लू टीमिंग, सुरक्षा ऑडिटिंग और ब्लॉकचेन जैसे विषयों में व्यावहारिक प्रशिक्षण मिलेगा।रैबिट एआई के सहयोग से चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी लखनऊ में एआई में सेंटर ऑफ एक्सीलेंस स्थापित किया जाएगा, जिसमें कृषि, स्वास्थ्य सेवा, रक्षा, डिजिटल मार्केटिंग और डीप टेक्नोलॉजी में एआई अनुप्रयोगों पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।ग्रांट थॉर्नटन के सहयोग से उद्योग-तैयार बिजनेस लीडर्स विकसित करने के लिए प्रशिक्षण कार्यक्रम संचालित किए जाएंगे, जिससे छात्रों को समस्या-समाधान और रणनीतिक सोच में दक्षता प्राप्त होगी।एनएसई के सहयोग से एमबीए फिनटेक पाठ्यक्रम शुरू किया जाएगा, जिसमें छात्रों को एडवांस्ड फिनटेक प्रशिक्षण प्रदान किया जाएगा।चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी लखनऊ के प्रो वाईस चांसलर हिमानी सूद ने कहा कि इन उद्योग साझेदारियों से छात्रों की रोजगार क्षमता में वृद्धि होगी और वे एआई, डेटा साइंस, फिनटेक और साइबर सुरक्षा के विशेषज्ञ बनकर उभरेंगे। यूनिवर्सिटी के मैनेजिंग डायरेक्टर जय इंदर सिंह संधू ने कहा कि उद्योग भागीदारों के साथ मिलकर यह विश्वविद्यालय उभरते क्षेत्रों में कौशल-आधारित, रोजगार-केंद्रित प्रशिक्षण प्रदान करेगा।

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