बच्चों के बस्ते का बोझ होगा कम, माह में एक दिन रहेगा ‘बैग फ्री डे’
निजी व सरकारी स्कूलों के बीच चलेगा ‘टीचिंग शेयरिंग प्रोग्राम’
देहरादून, 9 मार्च 2025:प्रदेश के निजी विद्यालयों में अब उत्तराखंड की समृद्ध सांस्कृतिक धरोहर और विभूतियों से जुड़ी पुस्तक ‘हमारी विरासत एवं विभूतियां’ पढ़ाई जाएगी। इसके साथ ही बच्चों के बस्ते का भार कम करने के लिए प्रत्येक माह एक दिन ‘बैग फ्री डे’ भी रखा जाएगा। अप्रैल के पहले सप्ताह से इन नई पहल की शुरुआत होगी।
विद्यालयी शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने बताया कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के तहत प्रदेशभर में सुधार किए जा रहे हैं। हाल ही में हुई बैठक में राज्य शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद (SCERT) द्वारा तैयार ‘हमारी विरासत एवं विभूतियां’ पुस्तक को कक्षावार निजी विद्यालयों में लागू करने का निर्णय लिया गया। इससे छात्र उत्तराखंड की संस्कृति, लोकगीत, लोकनृत्य, ऐतिहासिक स्थल, महान विभूतियों एवं पृथक राज्य आंदोलन के बारे में गहराई से जान सकेंगे।
बस्ते का बोझ होगा कम, ‘बैग फ्री डे’ की होगी शुरुआत
सरकारी स्कूलों की तरह अब निजी विद्यालयों में भी कक्षावार बस्तों का निर्धारित वजन लागू किया जाएगा ताकि बच्चों को भारी बैग का बोझ न उठाना पड़े। साथ ही, हर महीने एक दिन ‘बैग फ्री डे’ रखा जाएगा, जिससे बच्चों को नई शिक्षण विधियों को अपनाने का अवसर मिलेगा और पढ़ाई का तनाव कम होगा।
निजी और सरकारी स्कूलों के बीच ‘टीचिंग शेयरिंग प्रोग्राम’
बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि निजी और सरकारी स्कूलों के बीच ‘टीचिंग शेयरिंग प्रोग्राम’ शुरू किया जाएगा। इसके तहत प्रयोगशाला, खेल मैदान एवं अन्य संसाधनों को साझा किया जाएगा, जिससे छात्रों को बेहतर सुविधाएं मिलेंगी।
साक्षरता अभियान और टीबी मुक्त भारत में भागीदारी
मंत्री डॉ. रावत ने निजी विद्यालयों से अनुरोध किया कि उनके प्रत्येक शिक्षक ‘साक्षर उत्तराखंड अभियान’ में शामिल होकर एक निरक्षर व्यक्ति को साक्षर बनाएं। साथ ही, टीबी मुक्त भारत अभियान में भाग लेते हुए स्कूल संचालकों से ‘निःक्षय मित्र’ बनने और टीबी मरीजों की सहायता करने की अपील की।
बैठक में निजी विद्यालय संगठनों एवं स्कूल संचालकों ने इन निर्णयों पर अपनी सहमति व्यक्त की। अप्रैल से इन फैसलों को चरणबद्ध रूप से लागू किया जाएगा।

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