मुख्यमंत्री धामी की प्रेरणा से प्रोजेक्ट ‘‘नंदा-सुनंदा’’ बना बेटियों का संबल

आज फिर तीन बेटियां बनीं “नंदा-सुनंदा”

देहरादून, 17 मार्च 2025 (आरएनएस ) मुख्यमंत्री की प्रेरणा से संचालित प्रोजेक्ट “नंदा-सुनंदा” जनपद की निर्धन और असहाय बेटियों के लिए संजीवनी साबित हो रहा है। इसी क्रम में आज जिलाधिकारी सविन बंसल ने तीन जरूरतमंद बालिकाओं को शिक्षा के लिए आर्थिक सहायता प्रदान की। कलेक्ट्रेट परिसर में आयोजित कार्यक्रम में इन तीन बालिकाओं को कुल ₹98,815 की सहायता राशि के चेक वितरित किए गए।

अब तक इस योजना से 13 बेटियों को लाभान्वित किया जा चुका है और उनकी शिक्षा के लिए ₹4,41,501 की आर्थिक सहायता दी गई है। योजना के तहत अब तक जिन बालिकाओं को मदद मिली, उनकी पढ़ाई पुनः शुरू हो चुकी है।

डीएम ने कहा— हर पात्र बालिका को मिलना चाहिए इस योजना का लाभ

जिलाधिकारी ने कहा कि प्रशासन का प्रयास है कि जिले की हर असहाय बालिका को इस योजना से जोड़ा जाए। इसके लिए बाल विकास, समाज कल्याण और महिला कल्याण विभाग को जिम्मेदारी दी गई है कि वे ऐसी बालिकाओं की पहचान कर उन्हें इस योजना का लाभ दिलाएं। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि वे जरूरतमंद परिवारों तक इस योजना की जानकारी पहुँचाएँ ताकि कोई भी पात्र बालिका इससे वंचित न रहे।

इन बेटियों को मिली मदद

आज जिन तीन बालिकाओं को आर्थिक सहायता दी गई, उनमें—

  1. कु. प्राची मौर्य (बीएससी फोर्थ सेमेस्टर) – ₹72,740
  2. कु. आराध्या (कक्षा 3) – ₹14,600
  3. कु. पूर्वी विरमानी (कक्षा 1) – ₹11,475

इन बालिकाओं की आर्थिक सहायता राशि सीधे उनके विद्यालयों के खाते में जमा कराई गई ताकि उनकी शिक्षा में कोई बाधा न आए।

“नंदा-सुनंदा” – केवल सरकारी योजना नहीं, बल्कि नैतिक जिम्मेदारी

डीएम सविन बंसल ने कहा कि प्रोजेक्ट “नंदा-सुनंदा” केवल एक प्रशासनिक पहल नहीं, बल्कि नैतिक जिम्मेदारी और पुण्य का कार्य है। उन्होंने कहा कि असहाय और गरीब बेटियों को सशक्त बनाना ही इस योजना का लक्ष्य है।

“हमारी असली नंदा और सुनंदा वे बेटियां हैं, जो विपरीत परिस्थितियों में भी पढ़ाई जारी रखना चाहती हैं और अपने परिवार का सहारा बनना चाहती हैं।” — सविन बंसल, जिलाधिकारी

नैनीताल में भी कर चुके हैं 60 बेटियों की मदद

गौरतलब है कि डीएम सविन बंसल ने इस योजना की शुरुआत नैनीताल जिले में की थी, जहाँ उन्होंने 60 बेटियों को शिक्षित और स्वावलंबी बनाने में मदद की थी। अब वे देहरादून में भी इस योजना को सफलतापूर्वक आगे बढ़ा रहे हैं।

बालिकाओं की खोज के लिए सक्रिय हों अधिकारी

डीएम ने निर्देश दिए कि अनाथ, निर्धन और असहाय बालिकाओं की पहचान के लिए बाल विकास, समाज कल्याण और महिला कल्याण विभाग पूरी मुस्तैदी से कार्य करें। उन्होंने स्पष्ट किया कि इस योजना के लिए कोई भी पात्र बालिका मदद से वंचित नहीं रहनी चाहिए।

कार्यक्रम में मौजूद अधिकारी एवं गणमान्य व्यक्ति

इस अवसर पर मुख्य विकास अधिकारी अभिनव शाह, डीपीओ जितेंद्र कुमार, जिला प्रोबेशन अधिकारी मीना बिष्ट सहित कई अधिकारी, कर्मचारी और लाभार्थी बालिकाओं के परिजन उपस्थित थे।

यह योजना प्रदेश की बेटियों के लिए एक नई रोशनी बनकर उभर रही है और यह सुनिश्चित कर रही है कि “कोई भी बेटी अपनी पढ़ाई सिर्फ आर्थिक तंगी की वजह से न छोड़े!”

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