पीएचसी डुंडा में मरीजों के लिए उपलब्ध है महज चार बैड

उत्तरकाशी(आरएनएस)।    प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र डुंडा में पांच चिकित्सक तैनात हैं। लेकिन मरीजों के उपचार के लिए यहां पर मात्र चार ही बेड की व्यवस्था हैं। अस्पताल में लाखों की लागत से नया भवन तैयार है। लेकिन इस भवन के हर कमरे में ताले लटके हैं। वहीं यहां पर एंबुलेंस और एक्सरे आदि की भी व्यवस्था भी नहीं है। जनपद मुख्यालय से महज 15 किमी की दूरी पर स्थित विकासखंड डुंडा मुख्यालय के पीएचसी में स्वास्थ्य सेवाएं दम तोड़ती नजर आ रही है। मात्र चार बेड होने के कारण बुखार से पीड़ित व्यक्ति को उपचार करवाने के लिए जिला अस्पताल आना पड़ता है। अल्ट्रासाउंड की सुविधा भी माह में दो दिन ही मिलती है।पीएचसी डुंडा में विभाग की ओर से लाखों की लागत से दो मंजिला नए भवन का निर्माण किया गया है। उसमें दो वार्ड सहित एक लेबर रूम, आईसीयू कक्ष, अल्ट्रासाउंड कक्ष और स्टोर रूम हैं, लेकिन उन सभी कमरों पर ताले लटके हैं। मात्र एक कमरे का प्रयोग अस्पताल का क्लेरिकल विभाग उपयोग कर रहा है। जबकि अस्पताल पर धनारी, डुंडा के आसपास और ब्रहमखाल क्षेत्र के कई गांव के ग्रामीण निर्भर हैं। वहीं गंगोत्री हाईवे पर होने के कारण यह चारधाम यात्रा का भी मुख्य पड़ाव है, लेकिन यहां की अव्यवस्थाएं प्रदेश सरकार के उन हवाई दावों की पोल खोल रही है। सीएमओ डॉ. बीएस रावत का कहना है कि वहां पर हमने बेड की सुविधा दी है। भवन का प्रयोग क्यों नहीं हो रहा है। इसको दिखवाया जाएगा।

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