राज्यसभा सांसद महेंद्र भट्ट ने सदन में वन अग्नि प्रबंधन परियोजना और सहकारी समिति के कंप्यूटरीकरण पर जोरदार आवाज उठाई है।

देहरादून 18 मार्च,2025 । राज्यसभा सांसद एवं भाजपा प्रदेश अध्यक्ष श्री महेंद्र भट्ट ने सदन में वन अग्नि प्रबंधन परियोजना और सहकारी समिति के कंप्यूटरीकरण का मुद्दा उठाया है।

उन्होंने सत्र में चर्चा के दौरान पूछे गए आतंरकित प्रश्न संख्या 1644 में उन्होंने
पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय से संबंधित वन अग्नि प्रबंधन परियोजना की जानकारी मांगी। उन्होंने पूछा, इस परियोजना में केन्द्र सरकार द्वारा उत्तराखंड की वन अग्नि घटनाओं के लिए क्या प्रावधान किए गए हैं। जिसके ज़बाब में राज्य मंत्री श्री कीर्तवर्धन सिंह ने बताया कि वित्त वर्ष 2017-18 से क्रियान्वित की जा रही वनाग्नि निवारण और प्रबंधन स्कीम के तहत वित्तीय सहायता प्रदान करके वनाग्नि का निवारण और नियंत्रण करने में उत्तराखंड राज्य सहित अन्य राज्यों/संघ राज्य क्षेत्रों के प्रयासों में सहायता प्रदान की जा रही है। जिसमें संचार और सूचना प्रौ‌द्योगिकी के उपयोग, वन क्षेत्रों में फायर लाइनों के सृजन और अनुरक्षण, अग्नि सुरक्षा प्रहरियों की नियुक्ति, वन क्षेत्रों में जल का भंडार करने वाली संरचनाओं के निर्माण, वन अवसंरचना के सुदृढ़ीकरण, अग्निशमन उपकरणों की खरीद, उच्च जोखिम वाले क्षेत्रों में मृदा और नमी संरक्षण संबंधी कार्यों, जागरूकता सृजन और ऐसे अन्य कार्यकलापों जैसे वनाग्नि निवारण और प्रबंधन संबंधी विभिन्न उपायों के लिए उत्तराखंड राज्य को भी सहायता प्रदान की जाती है।

वहीं सहकारिता समितियों के कंप्यूटीकरण के विषय से जुड़े सवाल उन्होंने प्रश्न संख्या 1452 में पूछे। जिसके ज़बाब में सहकारिता मंत्री श्री अमित शाह की तरफ से बताया गया कि भारत सरकार ने कुल ₹2,516 करोड़ के वित्तीय परिव्यय से कार्यशील पैक्स के कंप्यूटरीकरण की परियोजना को अनुमोदित किया है। जिसमें सभी कार्यशील पैक्स को एक ईआरपी (एंटरप्राइज रिसोर्स प्लानिंग) आधारित कॉमन राष्ट्रीय सॉफ्टवेयर पर लाकर उन्हें राज्य सहकारी बैंकों और जिला केंद्रीय सहकारी बैंकों के माध्यम से राष्ट्रीय कृषि और ग्रामीण विकास बैंक के साथ लिंक करना है। इस परियोजना के अधीन 30 राज्यों/संघ राज्यक्षेत्रों से कुल 67,930 पैक्स स्वीकृत किए गए हैं जिनमें से दिनांक 27 जनवरी तक 50,455 पैक्स को ERP सॉफ्टवेयर पर ऑनबोर्ड किया गया है।

जिसमें से उत्तराखंड के कुल चयनित 670 में 185 पैक्स ऑनबोर्ड किए गए हैं। सॉफ्टवेयर पर निर्बाध कार्यकरण की सुविधा के लिए नाबार्ड द्वारा संरचित प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए गए हैं जिनमें अब तक 17 प्रशिक्षण सत्रों के माध्यम से पैक्स के 1,42,746 कार्मिकों को प्रशिक्षित किया गया है।

इसी तरह उन्होंने प्रश्न संख्या 160 के तहत श्रम और रोजगार मंत्रालय से घरेलू कामगारों की समस्याओं से जुड़े मुद्दे उठाए।

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