यू.टी.यू. सॉफ्टवेयर घोटाले में कुलपति की संलिप्तता पर छात्रों का विरोध, सचिव को घूस देने की पेशकश का आरोप

देहरादून, 22 मार्च 2025(आरएनएस ) वीर माधो सिंह भंडारी उत्तराखंड तकनीकी विश्वविद्यालय (यू.टी.यू.) में चल रहे फर्जी डिग्री घोटाले, भ्रष्टाचार और वित्तीय अनियमितताओं के खिलाफ डी.ए.वी. छात्रसंघ अध्यक्ष सिद्धार्थ अग्रवाल के नेतृत्व में छात्रों का विरोध प्रदर्शन जारी है।

छात्रसंघ ने आरोप लगाया कि विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. ओंकार यादव ने शासन के आदेशों की अवहेलना करते हुए अपने गृह जनपद के निकट संबंधी की ई.आर.पी. कंपनी को करोड़ों रुपये का ठेका दिलवाया और अब उसी कंपनी के पक्ष में खड़े हैं। शासन की जांच समिति ने भी इस घोटाले की पुष्टि की है।

कुलपति ने खुलेआम कहा कि सॉफ्टवेयर घोटाले में वे अकेले नहीं थे, बल्कि शासन के प्रतिनिधि भी इसमें पूरी तरह शामिल थे। छात्रों ने यह भी आरोप लगाया कि मामले को दबाने के लिए तकनीकी शिक्षा सचिव को घूस देने की पेशकश की गई थी और कुलपति ने खुद को तकनीकी शिक्षा मंत्री का करीबी बताते हुए अपने पद का दुरुपयोग किया।

छात्रों ने कुलपति के इन बयानों और तानाशाही रवैये पर कड़ी आपत्ति जताई और उनकी बर्खास्तगी की मांग की।

छात्रों की प्रमुख मांगें:

  1. तत्काल बर्खास्तगी: शासन समिति की रिपोर्ट के आधार पर कुलपति डॉ. ओंकार यादव और परीक्षा नियंत्रक डॉ. वी.के. पटेल को तुरंत बर्खास्त किया जाए।
  2. घोटाले की रिकवरी: 6 करोड़ रुपये के गबन की रिकवरी के लिए ई.डी. की मदद ली जाए और दोषी अधिकारियों पर कड़ी कार्रवाई हो।
  3. पारदर्शी मूल्यांकन: ऑनलाइन मूल्यांकन बंद कर गोपनीय केंद्रों पर परीक्षा कॉपियों की जांच कराई जाए।
  4. फर्जी डिग्री घोटाले की जांच: इंजीनियरिंग कॉलेज, गोपेश्वर के निदेशक अमित अग्रवाल, जिन्हें एक ही दिन में दो डिग्रियां जारी हुईं, को पद से हटाकर उन पर कानूनी कार्रवाई की जाए।
  5. शिक्षकों का भुगतान: परीक्षा और मूल्यांकन कार्य में लगे शिक्षकों को बकाया भुगतान तुरंत किया जाए।
  6. ई.आर.पी. सिस्टम की समाप्ति: वर्तमान विवादित ई.आर.पी. को हटाकर केंद्र सरकार के निःशुल्क समर्थ पोर्टल को लागू किया जाए।
  7. छात्रों की शिकायत निवारण: 2022 से अब तक हुए ऑनलाइन मूल्यांकन से असंतुष्ट छात्रों की शिकायतों को सुनने के लिए निःशुल्क कैंप लगाए जाएं।
  8. बैक पेपर का विशेष अवसर: बैक पेपर न भर पाने वाले छात्रों को एक वर्ष का अतिरिक्त समय देकर परीक्षा देने का अवसर दिया जाए।
  9. संबद्धता शुल्क में पारदर्शिता: कॉलेजों की संबद्धता बढ़ाने के लिए विशेषज्ञों से अतिरिक्त धन वसूली बंद हो।

छात्रसंघ अध्यक्ष सिद्धार्थ अग्रवाल ने चेतावनी दी कि यदि शीघ्र कार्रवाई नहीं हुई तो छात्र व्यापक आंदोलन करेंगे और तकनीकी शिक्षा सचिव व राजभवन के समक्ष प्रदर्शन करेंगे, जिसकी जिम्मेदारी सरकार की होगी।

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