
न्यूयॉर्क ,10 अपै्रल। अमेरिका जाने की चाह रखने वालों के लिए एक अहम चेतावनी सामने आई है। यदि आप सोशल मीडिया पर फिलिस्तीन, हमास, हिजबुल्लाह या यहूदी समुदाय के खिलाफ किसी भी प्रकार की पोस्ट, टिप्पणी या सामग्री साझा करते हैं, तो आपका अमेरिकी वीजा या ग्रीन कार्ड का सपना अधूरा रह सकता है।
यूएस नागरिकता और आव्रजन सेवा (स्ष्टढ्ढस्) ने एक नई नीति लागू की है, जिसके तहत अमेरिका वीजा और स्थायी निवास (ग्रीन कार्ड) के लिए आवेदन करने वालों की सोशल मीडिया गतिविधियों की गहन जांच की जाएगी। इस नीति का असर छात्र वीजा आवेदनों से लेकर ग्रीन कार्ड अनुरोधों तक सभी पर पड़ेगा।
स्ष्टढ्ढस् के मुताबिक, फिलिस्तीन समर्थक आतंकी संगठनों जैसे हमास, फिलिस्तीनी इस्लामिक जिहाद, हिजबुल्लाह और हूती विद्रोहियों के समर्थन वाली सोशल मीडिया पोस्ट को यहूदी विरोधी और कट्टरपंथी सोच के संकेत के रूप में देखा जाएगा। ऐसी पोस्ट आवेदक की पृष्ठभूमि जांच में नकारात्मक भूमिका निभाएंगी और वीजा अस्वीकृति का कारण बन सकती हैं।
अमेरिकी डिपार्टमेंट ऑफ होमलैंड सिक्योरिटी (ष्ठ॥स्) की असिस्टेंट सेक्रेटरी फॉर पब्लिक अफेयर्स ट्रिसिया मैकलॉफलिन ने कहा, दुनिया भर के आतंकी समर्थकों के लिए अमेरिका में कोई जगह नहीं है। कोई व्यक्ति अगर यह सोचता है कि वह अमेरिका आकर यहूदी विरोधी हिंसा और आतंकवाद का समर्थन करेगा, तो उसे दोबारा सोचने की जरूरत है।
इस नीति की पुष्टि अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने भी की है, जिन्होंने मार्च में बताया था कि अब तक 300 से अधिक लोगों के वीजा रद्द किए जा चुके हैं और यह प्रक्रिया लगातार जारी है। उन्होंने स्पष्ट कहा, जब भी मुझे इनमें से कोई पागल मिलता है, मैं उसका वीजा छीन लेता हूं।
सबसे चर्चित मामला महमूद खलील का है – जो फिलिस्तीन समर्थक कार्यकर्ता है और जिसने कोलंबिया यूनिवर्सिटी में प्रदर्शन का नेतृत्व किया था। खलील ने 2022 में छात्र वीजा पर अमेरिका में प्रवेश किया था, लेकिन 2024 में स्थायी निवास के लिए किया गया उसका आवेदन नकारात्मक सोशल मीडिया गतिविधियों के चलते रद्द कर दिया गया।
क्या ध्यान रखें?
सोशल मीडिया पर किसी भी प्रकार की चरमपंथी विचारधारा से जुड़ी पोस्ट करने से बचें।
फिलिस्तीन, हमास, हिजबुल्लाह या यहूदी समुदाय के खिलाफ कोई सामग्री शेयर न करें।
वीजा या ग्रीन कार्ड के लिए आवेदन से पहले अपनी डिजिटल उपस्थिति की समीक्षा अवश्य करें।

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