देहरादून(आरएनएस)। मूल निवास भू-कानून समन्वय संघर्ष समिति ने उत्तराखंड में विद्युत दरों में बढ़ोतरी के फैसले का विरोध किया है। इस संबंध में मंगलवार को समिति से जुड़े लोग आईएसबीटी स्थित विद्युत नियामक आयोग पहुंचे और विरोध किया। समिति के संस्थापक संयोजक मोहित डिमरी, संयोजक लुशुन टोडरिया ने कहा कि बिजली दरों में प्रस्तावित वृद्धि वापस नहीं ली जाती, तो राज्यभर में जन आंदोलन की शुरुआत की जाएगी। मांग की कि बिजली दर में बढ़ोतरी का फैसला वापस लिया जाए।
डिमरी ने कहा कि हमारे जल, जंगल और जमीन से जो बिजली पैदा होती है, वही हमारे लिए दुर्लभ और महंगी बना दी गई है। यह उत्तराखंड के हित में नहीं है, और इसे अब बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। संयोजक लुशुन टोडरिया ने कहा कि यह अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण है कि जिस उत्तराखंड ने देश को जलविद्युत संपदा दी, वही प्रदेश आज सबसे महंगी बिजली झेलने को मजबूर है। मौके पर समिति के केंद्रीय सचिव मनोज कोठियाल, विपिन नेगी, राजेश भट्ट, सुदेश कुमार आदि मौजूद थे।
बिजली महंगी हुई तो आंदोलन करेगी मूल निवास संघर्ष समिति
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