ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेल परियोजना की ऐतिहासिक प्रगति: सुरंग T-8 और T-8M का ब्रेकथ्रू सम्पन्न, मुख्यमंत्री ने बताया “परिवर्तनकारी कदम”

जनासू (पौड़ी गढ़वाल), 16 अप्रैल2025। उत्तराखंड के पहाड़ी अंचलों को रेल सेवा से जोड़ने की दिशा में एक ऐतिहासिक उपलब्धि दर्ज की गई है। ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेल परियोजना के अंतर्गत जनासू में सुरंग संख्या T-8 और T-8M का भव्य ब्रेकथ्रू समारोह आयोजित किया गया, जिसमें केंद्रीय रेल मंत्री श्री अश्विनी वैष्णव और मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने संयुक्त रूप से भाग लिया।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा, “पहाड़ पर रेल का स्वप्न अब जल्द साकार होने जा रहा है। यह परियोजना न केवल इंजीनियरिंग की दृष्टि से एक बड़ी उपलब्धि है, बल्कि यह उत्तराखण्ड के भविष्य को नई दिशा देने वाला परिवर्तनकारी कदम भी है।”

14.57 किलोमीटर लंबी इन डबल ट्यूब सुरंगों का निर्माण अत्याधुनिक टनल बोरिंग मशीन (TBM) के माध्यम से सफलता पूर्वक पूरा किया गया है। यह तकनीक भारतीय रेलवे के लिए एक बड़ी उपलब्धि मानी जा रही है, जो दुर्गम पहाड़ी भूगोल में भी तीव्र गति से निर्माण कार्य को संभव बनाती है।

मुख्यमंत्री धामी ने इसे प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के “नए और सशक्त भारत” के विजन और उत्तराखण्ड को विकास की मुख्यधारा से जोड़ने की प्रतिबद्धता का जीवंत उदाहरण बताया। उन्होंने कहा कि “हर सुरंग, हर पुल और हर स्टेशन, राज्य के विकास के प्रवेश द्वार हैं। यह परियोजना राज्य की कनेक्टिविटी, पर्यटन, आर्थिकी और रोजगार के लिए नई संभावनाएं खोलेगी।”

इस ऐतिहासिक मौके पर राज्यसभा सांसद श्री अनिल बलूनी और उत्तराखंड सरकार के कैबिनेट मंत्री डॉ. धन सिंह रावत भी मौजूद रहे। कार्यक्रम में रेलवे और परियोजना से जुड़े वरिष्ठ अधिकारियों, इंजीनियरों और स्थानीय जनप्रतिनिधियों की उपस्थिति भी उल्लेखनीय रही।

ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेल परियोजना उत्तराखण्ड में तीर्थाटन और पर्यटन को गति देने वाली प्रमुख आधारभूत परियोजनाओं में से एक है। इस रेललाइन के पूर्ण होते ही चारधाम यात्रा, विशेषकर केदारनाथ और बदरीनाथ की यात्रा, कहीं अधिक सहज और सुरक्षित हो सकेगी।

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