पंचायत नतीजों ने भाजपा के दिग्गजों को चौंकाया

देहरादून(आरएनएस)।  जिला पंचायत की सीटों के नतीजों ने भाजपा के दिग्गजों को चौंकाया है। खासतौर मंत्रियों के गढ़ में पार्टी के प्रदर्शन को लेकर राजनैतिक हलकों में चर्चा होने लगी है। मंत्री सतपाल महाराज को छोड़कर किसी भी मंत्री के विधानसभा क्षेत्र में भाजपा को बढ़त नहीं मिल पाई। रेखा आर्या और गणेश जोशी के विधानसभा क्षेत्र भाजपा और कांग्रेस की बराबर सीटें रहीं। तो डॉ.धन सिंह रावत और सौरभ बहुगुणा के इलाके में पार्टी बैकफुट पर रही है। कैबिनेट मंत्री सतपाल महाराज के विधानसभा क्षेत्र चौबट्टाखाल में पौड़ी जिले की सात जिला पंचायत सीटें आती हैं। यहां भाजपा को तीन सीटें मिली हैं, जबकि कांग्रेस और निर्दलीय को दो-दो सीटें मिली हैं। रेखा आर्य के विधानसभा क्षेत्र सोमेश्वर की चार सीटों में भाजपा और कांग्रेस को दो-दो सीटें मिली हैं। यहां रेखा आर्य के अपने जिला पंचायत वार्ड में उनके विधायक प्रतिनिधि तक को हार का सामना करना पड़ा। गणेश जोशी के मसूरी विधानसभा में जिला पंचायत की दो सीटें हैं और यहां भी भाजपा को एक ही सीट मिल पाई। श्रीनगर विधानसभा की 10 सीटों में से सिर्फ दो मिली मंत्री डॉ.धन सिंह रावत के विधानसभा क्षेत्र श्रीनगर में जिला पंचायत की 10 सीटे हैं। इसमें भाजपा समर्थित उम्मीदवारों के खाते में सिर्फ दो ही सीटें आईं। कांग्रेस ने चार सीटों पर जीत दर्ज की, जबकि चार सीटें पर निर्दलीय जीतकर आए हैं, जिन्हें लेकर भाजपा और कांग्रेस के अपने-अपने दावे हैं। सितारंगज में निर्दलीय पड़े भारी मंत्री सौरभ बहुगुणा के विधानसभा क्षेत्र में निर्दलीय भारी पड़े। भाजपा के लिए सुकून की बात यह रही कि यहां कोई भी कांग्रेस समर्थित उम्मीदवार जीत दर्ज नहीं कर पाया। सितारगंज में सात सीटों में भाजपा तीन और निर्दलीय चार सीटों पर जीते।
कांग्रेस ने अपने गढ़ में दिखाया दम:  कांग्रेस के दिग्गज नेताओं ने अपने गढ़ में पंचायत चुनाव में दम दिखाया है। खासतौर पर नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य के क्षेत्र में भाजपा जिला पंचायत की सीटों पर खाता नहीं खोल पाई। वहीं, पूर्व प्रदेश अध्यक्ष प्रीतम सिंह के गृह क्षेत्र से कांग्रेस निर्णायक बढ़त लेने में कामयाब रही। वहीं, गणेश गोदियाल के क्षेत्र में भी कांग्रेस का दबदबा रहा है। बाजपुर विधानसभा में जिला पंचायत की पांच सीटों में से कांग्रेस समर्थित उम्मीदवार तीन सीटों पर जीतने में कामयाब रहे। यहां दो सीटें निर्दलीय के खाते में गई हैं। यहां भाजपा समर्थित उम्मीदवारों को खाता खोलने का भी मौका पंचायत चुनाव में नहीं मिल पाया। इसी तरह प्रीतम सिंह की चकराता विधानसभा क्षेत्र से 11 में से कांग्रेस समर्थित सात उम्मीदवार जीत दर्ज करने में कामयाब रहे। जबकि भाजपा को सिर्फ तीन सीटों पर ही संतुष्ट करना पड़ा, इसमें एक सीट निवर्तमान अध्यक्ष मुध चौहान की सीट भी शामिल है। जबकि एक सीट पर निर्दलीय को मिली है। चकराता ब्लॉक की जिला पंचायत सीटों पर तो भाजपा समर्थित उम्मीदवारों का खाता तक नहीं खुल पाया। गोदियाल की अगुवाई बेहतर प्रदर्शन कांग्रेस ने श्रीनगर विधानसभा क्षेत्र में बेहतर प्रदर्शन किया है। पूरे चुनाव के दौरान गणेश गोदियाल ने क्षेत्र में पूरी तरह सक्रिय रहे। यहां कांग्रेस को 10 में से चार सीटें मिली हैं। खास बात यह है कि खिर्सू विकासखंड की दोनों सीट पर भाजपा का हार का सामना करना पड़ा। खटीमा में कांग्रेस का कमजोर प्रदर्शन खटीमा में कांग्रेस की स्थिति कमजोर रही। यहां कुल छह जिला पंचायत सीटों में से भाजपा ने चार सीटों पर जीत दर्ज की। कांग्रेस और निर्दलीय एक-एक सीट पर जीते। यह सीट इसलिए भी महत्वपूर्ण है कि पुष्कर धामी का यह गृह क्षेत्र है, लेकिन यहां पंचायत चुनाव में कांग्रेस के उपनेता सदन भुवन कापड़ी की असल परीक्षा थी।

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