उत्तरकाशी। उत्तराखंड के उत्तरकाशी जिले के हर्षिल क्षेत्र के नजदीक धराली गाँव में मंगलवार दोपहर बादल फटने की घटना ने भारी तबाही मचाई। इस प्राकृतिक आपदा ने मात्र 20 सेकंड में धराली गांव और आसपास के इलाकों को तहस-नहस कर दिया।सूत्रों के मुताबिक, इस हादसे में काफ़ी लोग लापता हो सकते हैं, जबकि कई घर और धराली बाजार पूरी तरह तबाह हो गए हैं।
क्या हुआ हादसा?
जानकारी के अनुसार, हर्षिल के पास धराली गांव में बादल फटने से खीर गाड़ नाले का जलस्तर अचानक बढ़ गया। तेज बहाव के साथ मलबा और बड़े-बड़े पत्थर रिहायशी इलाकों में घुस आए, जिससे कई घर बह गए और बाजार क्षेत्र में भारी नुकसान हुआ। सोशल मीडिया पर वायरल एक वीडियो में दिख रहा है कि कैसे सूखा नाला अचानक उफान पर आया और सब कुछ अपने साथ बहा ले गया। वीडियो में लोगों की चीखें और भागने की अफरा-तफरी साफ सुनाई दे रही है।
प्रशासन का रेस्क्यू ऑपरेशन
उत्तरकाशी के जिलाधिकारी प्रशांत आर्य ने घटना की पुष्टि करते हुए बताया कि धराली के पास बड़ा बादल फटा, जिससे भारी नुकसान हुआ। चार लोगों की मौत की खबर है, और संपत्ति को व्यापक क्षति पहुंची है। पुलिस, एसडीआरएफ, एनडीआरएफ, और सेना की टीमें राहत और बचाव कार्य में जुट गई हैं। गंगोत्री धाम का जिला मुख्यालय से संपर्क कट गया है, जिससे स्थिति और जटिल हो गई है।
गृह मंत्री अमित शाह ने उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से फोन पर बात कर घटना की विस्तृत जानकारी प्राप्त की तथा राज्य सरकार को हर संभव केंद्रीय सहायता का आश्वासन दिया।गृह मंत्री ने स्थिति की गंभीरता को देखते हुए एनडीआरएफ एवं अन्य राहत एजेंसियों को तत्परता से कार्य करने के निर्देश दिए हैं।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी अपना दौरा स्थगित कर तत्काल देहरादून के लिए रवाना हो गए हैं।केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह लगातार राज्य सरकार के संपर्क में हैं और केंद्र सरकार की ओर से प्रभावित क्षेत्र में तत्काल एवं आवश्यक सहायता सुनिश्चित की जा रही है।
मुख्यमंत्री का बयान
उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने इस आपदा पर गहरा दुख व्यक्त किया है। उन्होंने कहा, “धराली में बादल फटने से हुए नुकसान का समाचार अत्यंत दुखद है। राहत और बचाव कार्यों के लिए एसडीआरएफ, एनडीआरएफ, और जिला प्रशासन की टीमें युद्ध स्तर पर काम कर रही हैं। मैं स्थिति पर नजर रखे हुए हूं और प्रभावितों की हरसंभव मदद की जाएगी।”
मौसम विभाग की चेतावनी
मौसम विभाग ने अगले 24 घंटों में उत्तरकाशी, चमोली, देहरादून, और अन्य जिलों में भारी बारिश और बाढ़ की आशंका जताई है। प्रशासन ने लोगों से सतर्क रहने और नदी-नालों से दूर रहने की अपील की है।
हिमालयी क्षेत्रों में बादल फटने की घटनाएं मानसून के दौरान आम हैं, लेकिन विशेषज्ञों का कहना है कि जलवायु परिवर्तन के कारण इनकी तीव्रता और आवृत्ति बढ़ रही है। इस घटना ने एक बार फिर आपदा प्रबंधन और पूर्व चेतावनी प्रणालियों की जरूरत को रेखांकित किया है।
स्थानीय प्रशासन और राहत टीमें लापता लोगों की तलाश और प्रभावितों की मदद में जुटी हैं। स्थिति गंभीर बनी हुई है, और आगे की जानकारी का इंतजार है।

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