नईदिल्ली,04 अगस्त। ऐपल ने वित्त वर्ष-2026 की पहली तिमाही में बड़े स्तर पर भारत में बने आईफोन दूसरे देशों में भेजे हैं। इस दौरान भारत का स्मार्टफोन निर्यात 7.72 अरब डॉलर (लगभग 675 अरब रुपये) के स्तर पर पहुंच गया, जो पिछले साल की पहली तिमाही से 58 प्रतिशत अधिक है। इसमें अकेले ऐपल का योगदान 78 प्रतिशत रहा। कंपनी ने अपने भारतीय विक्रेताओं के जरिए करीब 525 अरब रुपये के आईफोन निर्यात किए, जो बीते साल से 82 प्रतिशत ज्यादा है।
ऐपल के शानदार प्रदर्शन से भारत के इलेक्ट्रॉनिक्स क्षेत्र को मजबूती मिली है, लेकिन अमेरिका की नई नीतियों का असर भविष्य पर पड़ सकता है। अमेरिकी सरकार ट्रेड एक्सपेंशन एक्ट की धारा 232 की समीक्षा कर रही है, जिसके तहत राष्ट्रपति आयात पर टैरिफ लगा सकते हैं। इस पर 14 अगस्त तक रिपोर्ट आने की उम्मीद है। इसका असर भारत से होने वाले ऐपल के निर्यात पर भी संभव है।
ऐपल के अलावा सैमसंग और पैडगेट इलेक्ट्रॉनिक्स जैसी कंपनियों ने भी निर्यात में अहम भूमिका निभाई। सैमसंग ने कुल निर्यात में 12 प्रतिशत और पैडगेट समेत अन्य कंपनियों ने 10 प्रतिशत हिस्सा दिया। अकेले पैडगेट ने 17.5 करोड़ डॉलर (लगभग 1,500 करोड़ रुपये) के स्मार्टफोन निर्यात किए। स्मार्टफोन अब भारत की सबसे बड़ी निर्यात वस्तु बन चुके हैं, जो निवेश, प्रोत्साहन और वैश्विक मांग के चलते संभव हुआ है। यह भारत के लिए एक बड़ी उपलब्धि है।
आईफोन की दमदार हिस्सेदारी से भारत का स्मार्टफोन निर्यात 675 अरब रुपये पर पहुंचा
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