भारतीय इतिहास में चौदह अगस्त एक तारीख नहीं त्रासदी : नेहा

विकासनगर(आरएनएस)।  प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आह्वान पर देश विभाजन की कटु स्मृतियों को लेकर 14 अगस्त को विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस मनाया गया गया। इस दौरान जिला देहरादून ग्रामीण की ओर से हरबर्टपुर में संगोष्ठी का आयोजन किया गया। मुख्य अतिथि राष्ट्रीय उपाध्यक्ष युवा मोर्चा नेहा जोशी ने कहा कि भारतीय इतिहास में 14 अगस्त मात्र एक तारीख नहीं, एक त्रासदी है। नेहा जोशी ने कहा कि आज ही के दिन गलत नीतियों ने भारत माता को बांटने का षड्यंत्र रचा। जिसकी परिणति दंगों, निर्दोषों की हत्याओं और तड़पती मनुष्यता के रूप में सामने आई। भारत विभाजन की इस अमानवीय वेदना के अवसर पर हम उन सभी असंख्य विस्थापितों, बलिदानियों और अनाम पीड़ितों को हृदय की गहराइयों से श्रद्धांजलि अर्पित करते हैं। यह संकल्प करते हैं कि वह पीड़ा फिर किसी पीढ़ी को न झेलनी पड़े। वह पीड़ा हमारी स्मृति है और हमारी सीख भी है। जिला अध्यक्ष मीता सिंह ने कहा कि सन 1947 का विभाजन हमारे इतिहास का करुण और मर्मस्पर्शी अध्याय है। जिसने लाखों प्राण हर लिए। करोड़ों को विस्थापित किया और पीड़ा का अमिट घाव दिया है। जिला कार्यक्रम संयोजक विनोद कश्यप ने कहा कि यह दिवस उन लोगों के लिए श्रद्धांजलि है, जिन्होंने इतिहास के सबसे क्रूर प्रकरण के दौरान अमानवीय पीड़ाओं का सामना किया। इस अवसर पर कार्यकारिणी सदस्य ओमवीर राघव, कार्यक्रम सह संयोजक ऋषभ अग्रवाल, जिला मीडिया प्रभारी देवेंद्र चावला, मंडल अध्यक्ष राहुल शर्मा, शुभम गर्ग, रवि कश्यप, मदन सिंह, दयानंद जोशी, नीरज कश्यप, वीरता गुरुंग, दिनेश कौशिक, जनार्दन जोशी, विजय पटवाल, आशा, ममता मुल्तानी, सविता पाल, सरफराज जाफरी, शत्रुघ्न कुशवाहा, सचिन बंसल, विनय सैनी, अनिल नोटियाल, यशपाल, सुनील कश्यप, बहादुर, आकाश मुल्तानी, रुचिता ठाकुर, सुनीता गुलरिया आदि मौजूद रहे।

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