कांग्रेस प्रवक्ता बोलीं – राहत व पुनर्वास कार्य अधूरा, मुआवज़े के नाम पर जनता का मज़ाक उड़ा रही सरकार
देहरादून। उत्तराखंड कांग्रेस की प्रदेश प्रवक्ता डॉ. प्रतिमा सिंह ने प्रदेश सरकार को आपदा प्रबंधन के मोर्चे पर पूरी तरह विफल करार दिया है। उन्होंने कहा कि इस बार का मानसून प्रदेश के लिए भयावह साबित हुआ है। उत्तरकाशी के धराली से लेकर चमोली के थराली, पौड़ी, श्रीनगर और रुद्रप्रयाग तक हर जगह तबाही का मंजर देखा गया, लेकिन सरकार की ओर से अब तक ठोस कदम नहीं उठाए गए।
डॉ. सिंह ने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के पास चालीस से अधिक विभाग हैं, जिनमें आपदा प्रबंधन भी शामिल है। यह ऐसा विभाग है जिसके लिए एक पूर्णकालिक मंत्री होना चाहिए, ताकि राहत व बचाव कार्यों को प्राथमिकता दी जा सके। लेकिन धराली आपदा के दौरान मुख्यमंत्री कथित तौर पर जिला पंचायत सदस्यों की खरीद-फरोख्त और अपहरण की साजिशों में व्यस्त थे।
उन्होंने कहा कि आपदा को एक महीना होने को है, लेकिन न तो राहत व बचाव कार्य पूरे हुए हैं और न ही प्रभावित परिवारों को न्याय मिला है। कई लोग अब भी अपने लापता परिजनों की तलाश में भटक रहे हैं। वहीं सरकार जनता की पीड़ा पर ध्यान देने के बजाय कांग्रेस नेताओं के घरों में ताक-झांक करने में व्यस्त है।
कांग्रेस प्रवक्ता ने कहा कि हाल ही में रुद्रप्रयाग में बादल फटने की भयावह घटना घटी, लेकिन मुख्यमंत्री धामी मंत्री रेखा आर्य के साथ देहरादून परेड ग्राउंड में कार्यक्रमों का आनंद लेते रहे। विस्थापन नीति पूरी तरह नदारद है और मुआवज़े के नाम पर सरकार आमजन की भावनाओं के साथ खिलवाड़ कर रही है।
उन्होंने आरोप लगाया कि डबल इंजन सरकार के होने के बावजूद केंद्र से अब तक कोई विशेष पैकेज नहीं मिला। प्रेस रिपोर्ट के अनुसार केंद्र सरकार पहले निरीक्षण करेगी, फिर मदद पर विचार करेगी, जो प्रदेश की जनता के साथ अन्याय है।
डॉ. प्रतिमा सिंह ने कहा कि प्रदेश को अब तक आपदा से करीब ढाई हजार करोड़ का नुकसान हुआ है। यदि केंद्र ने विशेष पैकेज नहीं दिया तो जनता समझ जाएगी कि डबल इंजन की सरकार महज़ एक छलावा है। भाजपा राज में प्रदेश का हर नागरिक कर्ज़ में डूबा है और ऐसी स्थिति में आपदा से उबरना बेहद कठिन है।

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