देहरादून। देहरादून के गांधी शताब्दी जिला चिकित्सालय में राज्य का प्रथम जिला दिव्यांगजन पुनर्वास केंद्र (डीडीआरसी) का बुधवार को विधिवत शुभारंभ हो गया है। इसमें दिव्यांगजनों को फिजियोथेरेपी, मनोवैज्ञानिक सलाह, दिव्यांग प्रमाण पत्र और कृत्रिम अंग प्राप्त करने जैसी सभी सुविधाएं एक ही स्थान पर उपलब्ध हो गई हैं।
डीडीआरसी केंद्र की विशेषताएं
- एक ही छत के नीचे एकीकृत सेवाएं: डीडीआरसी केंद्र में दिव्यांगजनों को प्रमाण पत्र, यूडीआईडी कार्ड, आधार कार्ड, फिजियोथेरेपी, मनोवैज्ञानिक सलाह, इलाज और कृत्रिम उपकरण के साथ ही रोजगार प्रशिक्षण जैसी तमाम सुविधाएं एक ही छत के नीचे मिलेंगी।
- विशेष वाहन: दिव्यांगजनों को केंद्र तक आने जाने के लिए स्पेशल डेडिकेटेड वाहन तैनात किया गया है।
- बहु-विषयी टीम: केंद्र में फिजियोथेरेपिस्ट, स्पीच थेरेपिस्ट, ऑक्युपेशनल थेरेपिस्ट और काउंसलर जैसे विशेषज्ञ सम्मिलित हैं, जो दिव्यांगजनों के लिए समग्र पुनर्वास सुनिश्चित करते हैं।

उद्घाटन समारोह
- मुख्य अतिथि: महापौर सौरभ थपलियाल ने डीडीआरसी केंद्र का उद्घाटन किया।
- अन्य अतिथि: राजपुर विधायक खजानदास, पार्षद सुनीता मंजखोला, जिलाधिकारी सविन बंसल और मुख्य विकास अधिकारी अभिनव शाह ने भी उद्घाटन समारोह में भाग लिया।
- आभार: मुख्य विकास अधिकारी अभिनव शाह ने सभी अतिथियों का आभार व्यक्त किया और आश्वस्त किया कि पुनर्वास केंद्र को और बेहतर बनाने के लिए जो भी सुझाव मिलेंगे उन पर प्रभावी तरीके से अमल किया जाएगा।
डीडीआरसी केंद्र के प्रमुख कार्य और सेवाएं
- प्रमाण पत्र और यूडीआईडी कार्ड: दिव्यांगजनों को प्रमाण पत्र और यूडीआईडी कार्ड प्रदान करना।
- फिजियोथेरेपी और मनोवैज्ञानिक सलाह: दिव्यांगजनों को फिजियोथेरेपी और मनोवैज्ञानिक सलाह प्रदान करना।
- कृत्रिम अंग और उपकरण: दिव्यांगजनों को कृत्रिम अंग और उपकरण प्रदान करना।
- रोजगार प्रशिक्षण: दिव्यांगजनों को रोजगार प्रशिक्षण प्रदान करना और उन्हें आत्मनिर्भर बनाने का प्रयास करना।
- जागरूकता अभियान: समाज में जागरूकता बढ़ाने के लिए विभिन्न प्रचार-प्रसार गतिविधियां चलाना।

महापौर की प्रतिक्रिया
महापौर सौरभ थपलियाल ने कहा कि सशक्त समाज के निर्माण में देहरादून में स्थापित उत्तराखंड का पहला आधुनिक जिला दिव्यांगजन पुनर्वास केंद्र एक मील का पत्थर साबित होगा। उन्होंने कहा कि दिव्यांगजनों को उचित उपचार मिलने से उनकी दिव्यांगता भी दूर हो रही है।
विधायक की प्रतिक्रिया
विधायक खजानदास ने कहा कि आदरणीय प्रधानमंत्री ने शारीरिक रूप से अक्षम लोगों को दिव्यांग नाम देकर दिव्यांगजनों को समाज में एक गरिमा प्रदान की है। उन्होंने जिला प्रशासन के इस प्रयास की सराहना की और कहा कि आने वाले समय में इस केंद्र में दिव्यांगजनों को सभी आधुनिक सुविधाएं मुहैया होंगी।
जिलाधिकारी की प्रतिक्रिया
जिलाधिकारी सविन बंसल ने कहा कि समाज में करीब 20 प्रतिशत आबादी किसी न किसी रूप में दिव्यांगता से प्रभावित है, जो कि एक बड़ी संख्या है। उन्होंने कहा कि दिव्यांगजनों को एक प्लेटफार्म पर एकीकृत रूप में सारी सुविधाएं मिले, इस दिशा में दिव्यांगजनों के लिए डेडिकेटेड सेंटर जिला चिकित्सालय में खोला गया है।

देहरादून में खुला उत्तराखंड का पहला आधुनिक दिव्यांग पुनर्वास केंद्र दिव्यांगजनों के लिए एक महत्वपूर्ण कदम है। यह केंद्र दिव्यांगजनों को समग्र पुनर्वास सेवाएं प्रदान करेगा और उन्हें समाज की मुख्यधारा में सम्मिलित करने में मदद करेगा।

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