जिलाधिकारी ने निष्क्रिय सहकारी समितियों को हटाने और ऋण वसूली पर दिए कड़े निर्देश

सहकारी योजनाओं में एक ही व्यक्ति को न मिले लाभ, वीर माधो सिंह भंडारी योजना पर भी हुई चर्चा


पौड़ी गढ़वाल: जिलाधिकारी स्वाति एस. भदौरिया की अध्यक्षता में आज जिला सभागार में जिला सहकारी विकास समिति और जिला क्रियान्वयन एवं अनुश्रवण समिति की बैठक हुई। इसमें सहकारिता विभाग की योजनाओं की समीक्षा की गई।
बैठक में जिलाधिकारी ने निष्क्रिय समितियों को तुरंत हटाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि यह सुनिश्चित किया जाए कि समितियों का लाभ केवल एक ही व्यक्ति तक सीमित न रहे। जिलाधिकारी ने साफ शब्दों में कहा कि जिन समितियों का वसूली प्रतिशत 30 सितंबर तक ठीक नहीं होगा, उन पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि केवल वसूली प्रमाणपत्र जारी करके अपनी जिम्मेदारी से न बचें, बल्कि बकाया कर्जदारों से वसूली करें।


वीर माधो सिंह भंडारी योजना पर जोर
बैठक में वीर माधो सिंह भंडारी संयुक्त सहकारी खेती योजना की प्रगति पर भी चर्चा हुई। जिलाधिकारी ने कहा कि इस योजना का उद्देश्य बंजर और खाली पड़ी भूमि को खेती योग्य बनाना और सामूहिक खेती को बढ़ावा देना है। उन्होंने कहा कि यह मॉडल कृषि उत्पादन बढ़ाने के साथ-साथ रिवर्स माइग्रेशन (लोगों का वापस गाँवों की ओर लौटना) और स्थानीय रोजगार के नए अवसर पैदा करने में सहायक होगा।
सहकारिता विभाग के उप निबंधक ने बताया कि योजना के तहत कई क्लस्टरों में फूलों की खेती की जा रही है, जैसे गुलदावरी, ग्लेडोलिएस और सूरजमुखी। इन क्लस्टरों को मनरेगा, एनआरएलएम और कृषि विभाग जैसी योजनाओं से भी जोड़ा जा रहा है।
बैठक में ढाड़ूखाल और पाबौ के चोपड़ा क्लस्टर में चल रहे भू-सुधार और सिंचाई कार्यों की भी समीक्षा की गई। जिलाधिकारी ने अधिकारियों को सभी योजनाओं को समय पर और गुणवत्तापूर्ण तरीके से पूरा करने के निर्देश दिए।

इस अवसर पर मुख्य विकास अधिकारी गिरीश गुणवंत, सहकारिता विभाग के उप निबंधक पान सिंह राणा, जिला विकास प्रबंधक नाबार्ड हिमांक शर्मा सहित कई अन्य अधिकारी उपस्थित थे।

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