हरिद्वार। राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (NRLM) के अंतर्गत गठित स्वागत क्लस्टर लेवल फेडरेशन (CLF) का तीन दिवसीय विजन 0.3 प्रशिक्षण शिविर आज दूसरे दिन भी सरस केंद्र, जमालपुर कलां में उत्साहपूर्वक जारी रहा। इस प्रशिक्षण का उद्देश्य CLF को भविष्य की चुनौतियों और अवसरों के लिए तैयार करना है।
प्रशिक्षण की गुणवत्ता का निरीक्षण करने परियोजना निदेशक, डीआरडीए, कैलाश नाथ तिवारी शिविर में पहुँचे। उन्होंने मास्टर ट्रेनर कैलाश कांडारी (बीएमएम, भगवानपुर) से प्रशिक्षण की जानकारी ली और प्रशिक्षण में शामिल महिलाओं से उनके अनुभव साझा करने को भी कहा।
सशक्त CLF का रोडमैप
परियोजना निदेशक ने “विजन” के उद्देश्य को सरल और स्पष्ट शब्दों में समझाया। उन्होंने कहा कि विजन का अर्थ भविष्य के लिए एक स्पष्ट रोडमैप तैयार करना है। एक सशक्त CLF की जिम्मेदारी है कि वह ईमानदारी, अनुशासन और प्रतिबद्धता के साथ कमजोर वर्ग की महिलाओं को आजीविका के समान अवसर दिलाने में मदद करे। उन्होंने यह भी बताया कि योजना के तहत उपलब्ध संसाधनों का प्राथमिकता के आधार पर उद्यमशीलता और स्वरोजगार बढ़ाने में उपयोग किया जाएगा।
प्रशिक्षण के दौरान स्वास्थ्य और स्वच्छता जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर भी विचार-विमर्श हुआ। साथ ही इस बात पर बल दिया गया कि CLF सरकार की उन जन-कल्याणकारी योजनाओं को महिलाओं तक पहुँचाने में सेतु की भूमिका निभाएगी, जिनका लाभ ग्रामीण महिलाओं को सीधा मिल सके। इनमें महिला एवं बाल विकास, स्वास्थ्य, समाज कल्याण और कौशल विकास विभाग की योजनाएँ प्रमुख हैं।
‘लखपति दीदी’ योजना मुख्य आकर्षण
शिविर में ‘लखपति दीदी’ योजना पर विस्तृत चर्चा की गई। CLF को यह सुनिश्चित करने के लिए कहा गया कि लखपति दीदियों की आय में निरंतरता बनी रहे और इसके लिए संबंधित विभागों से सहयोग के लिए आवेदन किए जाएँ। आगामी दिनों में जनपद स्तर पर आयोजित होने वाले ‘लखपति दीदी संवाद कार्यक्रम’ को लेकर भी विचार साझा किए गए, जिसका उद्देश्य ग्रामीण महिलाओं को अधिक आय अर्जित करने हेतु प्रेरित करना है।
प्रशिक्षण शिविर में मास्टर ट्रेनर के अलावा आईप्रपी कृष्णा रावत, स्वागत CLF की अध्यक्ष विमला, पूनम शर्मा सहित कई महिलाएँ सक्रिय रूप से शामिल रहीं।

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