बादल फटने से कारलीगाढ सहस्त्रधारा में तबाही

जिला प्रशासन की त्वरित कार्रवाई से बची जानें

देहरादून। भारी बारिश के दौरान रात्रि में कारलीगाढ सहस्त्रधारा इलाके में बादल फटने की एक भीषण घटना हुई। इस आपदा की सूचना मिलते ही जिला प्रशासन ने तत्परता दिखाते हुए त्वरित राहत और बचाव अभियान (रेस्क्यू एंड रिलीफ ऑपरेशन) शुरू कर दिया, जिससे बड़ी त्रासदी टल गई।

घटना के तुरंत बाद ही, जिलाधिकारी सविन बंसल ने स्वयं अभियान की कमान संभाली। उनके निर्देशन में रातों-रात सम्बंधित सभी विभागों के साथ समन्वय स्थापित किया गया और मौके पर रेस्क्यू टीमों को तैनात कर दिया गया। प्रशासन की सबसे पहली और महत्वपूर्ण कार्रवाई आसपास के निवासियों को रात में ही सुरक्षित स्थानों पर पहुँचाना रही।

वर्तमान में, एसडीआरएफ (स्टेट डिजास्टर रिस्पांस फोर्स), एनडीआरएफ (नेशनल डिजास्टर रिस्पांस फोर्स), और लोक निर्माण विभाग (लोनिवि) की टीमें जेसीबी और भारी उपकरणों के साथ मलबा हटाने और खोज अभियान में जुटी हुई हैं।

प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, इस घटना में कुछ दुकानें बह गई हैं। हालाँकि, शुरुआती रिपोर्ट्स में जान-माल के बड़े नुकसान की खबर नहीं है, जो कि प्रशासन की त्वरित कार्रवाई का ही परिणाम है। दो लोगों के लापता होने की सूचना है, जिनका पता लगाने के लिए खोजबीन जारी है।

जिलाधिकारी के निर्देश पर एसडीएम कुमकुम जोशी रात्रि में ही घटनास्थल पर पहुँचकर राहत कार्यों का जायजा ले रही हैं और निरंतर मौजूद हैं।

इस आपदा को देखते हुए जिला प्रशासन पूरी तरह से अलर्ट मोड में है। आपदा प्रबंधन प्रोटोकॉल के तहत, आईआरएस (इंसिडेंट रेस्पांस सिस्टम) से जुड़े सभी विभागों को सक्रिय कर दिया गया है ताकि किसी भी संभावित खतरे से निपटा जा सके और लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।

राहत और बचाव कार्यों की निगरानी स्वयं जिलाधिकारी द्वारा की जा रही है। अधिक जानकारी की प्रतीक्षा है।

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