LUCC चिटफंड घोटाले की पीड़ित महिलाओं ने मुख्यमंत्री को सौंपा ज्ञापन — महिला कांग्रेस अध्यक्ष ज्योति रौतेला के नेतृत्व में न्याय की मांग तेज

उत्तराखंड के बहुचर्चित LUCC चिटफंड घोटाले में ठगी की शिकार हजारों महिलाओं ने आज मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को एक विस्तृत ज्ञापन सौंपा। यह ज्ञापन महिला कांग्रेस अध्यक्ष ज्योति रौतेला के नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमंडल द्वारा सौंपा गया, जिसमें पीड़ितों की पीड़ा, दस्तावेज़ी साक्ष्य और न्याय की मांग को प्रमुखता से रखा गया।

LUCC (Loni Urban Multi-State Credit & Thrift Co-operative Society) द्वारा प्रदेशभर में फैली 37 शाखाओं के माध्यम से ₹1200 करोड़ से अधिक की ठगी की गई, जिसमें अधिकांश निवेशक महिलाएं हैं। कंपनी के प्रमोटर्स विदेश भाग चुके हैं और अब पीड़ित महिलाएं न्याय की आस में सड़कों पर हैं।

पौड़ी, रुद्रप्रयाग, टिहरी और चमोली जैसे जिलों से आई महिलाएं पिछले 90 दिनों से पंडित दीन दयाल पार्क में धरने पर थीं और पिछले 8 दिनों से एकता विहार धरना स्थल पर अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर डटी हुई थीं। प्रशासनिक अनदेखी के बावजूद उन्होंने अपने संघर्ष को जारी रखा।

ज्योति रौतेला का हस्तक्षेप बना निर्णायक

महिला कांग्रेस अध्यक्ष ज्योति रौतेला ने आंदोलन को न केवल समर्थन दिया, बल्कि रणनीतिक नेतृत्व भी प्रदान किया। उनके प्रयासों से मुख्यमंत्री कार्यालय से समय मिला और ज्ञापन सौंपा गया, जिसमें निम्नलिखित प्रमुख मांगें शामिल थीं:

  • सीबीआई जांच जल्द शुरू की जाए।
  • सभी सुविधा केंद्र संचालकों की जांच की जाए जो अंडरग्राउंड हैं और स्वयं को निर्दोष बता रहे हैं; उनकी संपत्तियों को कुर्क किया जाए।
  • उत्तराखंड सरकार द्वारा अब तक की गई कार्रवाई की विस्तृत जानकारी सार्वजनिक की जाए ताकि जनता को पारदर्शिता का भरोसा मिल सके।
  • प्रमुख आरोपी समीर अग्रवाल को इंटरपोल के माध्यम से भारत वापस लाया जाए तथा उसकी संपत्तियों को तत्काल कुर्क किया जाए।
  • LUCC की सभी शाखाओं और निवेशकों की सूची सार्वजनिक की जाए।
  • दोषियों की गिरफ्तारी हो और निवेशकों के निवेश की वापसी सुनिश्चित की जाए। ज्योति रौतेला का बयान

“यह सिर्फ आर्थिक धोखा नहीं, बल्कि महिलाओं की गरिमा और भरोसे पर हमला है। हम तब तक शांत नहीं बैठेंगे जब तक हर पीड़िता को न्याय नहीं मिल जाता।”

भूख हड़ताल समाप्त, अब कार्मिक अनशन जारी

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी द्वारा केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह से CBI जांच को लेकर हुई बातचीत और मिले आश्वासन के बाद पीड़ित महिलाओं ने अपनी अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल समाप्त कर कार्मिक अनशन पर बैठने का निर्णय लिया।

इस मौके पर दर्जनों पीड़ित महिलाएं उपस्थित रहीं, जिनमें प्रमुख रूप से संगीता, सुशील रावत, आरती भट्ट, आशा देवी, हौसला, कविता, उर्मिला देवी, रजनी बिष्ट, कांता देवी, उमेंद्र सिंह, रोशनी, बबीता भट्ट आदि शामिल थीं।

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