उत्तराखंड चिटफंड घोटाला: हाईकोर्ट ने LUCC मामले की CBI जांच का दिया आदेश

देहरादून,। उत्तराखंड हाईकोर्ट ने मंगलवार को लोनी अर्बन मल्टी-स्टेट क्रेडिट एंड थ्रिफ्ट को-ऑपरेटिव सोसाइटी (LUCC) के चिटफंड घोटाले की जांच सीबीआई को सौंपने का ऐतिहासिक फैसला सुनाया। इस घोटाले में राज्य के सैकड़ों निवेशकों के करीब 800 करोड़ रुपये डूबने का अनुमान है। मुख्य न्यायाधीश जी. नरेंद्र और न्यायमूर्ति आशीष नैथानी की खंडपीठ ने यह आदेश पीड़ित निवेशकों की जनहित याचिका पर सुनवाई के बाद दिया।

कोर्ट ने निर्देश दिया कि सीबीआई इस मामले की त्वरित और स्वतंत्र जांच करेगी। साथ ही, पीड़ित निवेशकों को भी निर्देशित किया गया कि वे अपनी शिकायतें विस्तृत दस्तावेजों के साथ सीबीआई को सौंपें। अदालत ने कहा कि गंभीर आरोपों और मामले की अंतर्राज्यीय प्रकृति को देखते हुए एक केंद्रीय एजेंसी द्वारा जांच ही न्याय सुनिश्चित कर सकती है।

राज्य पुलिस की जांच पर उठे सवाल

न्यायालय में सुनवाई के दौरान यह तथ्य उजागर हुआ कि घोटाले के बावजूद राज्य पुलिस ने कई पीड़ितों का मामला दर्ज तक नहीं किया था। पीड़ितों की ओर से पेश वकीलों ने आरोप लगाया कि अब तक दर्ज 56 मामलों की जांच धीमी गति से चल रही है और मुख्य आरोपी दुबई फरार है। उन्होंने यह भी कहा कि पुलिस का रवैया पीड़ितों के प्रति उदासीन रहा है।

कैसे हुआ था घोटाला?

यह घोटाला एक सुनियोजित योजना के तहत अंजाम दिया गया। रिपोर्टों के अनुसार, LUCC कंपनी ने वर्ष 2021 में देहरादून, ऋषिकेश और पौड़ी सहित प्रदेश के कई जिलों में अपने कार्यालय खोले। कंपनी ने स्थानीय एजेंटों के जरिए लोगों को बड़े रिटर्न का लालच देकर निवेश के लिए प्रेरित किया। हैरत की बात यह है कि कंपनी ने सोसाइटी रजिस्ट्रेशन एक्ट के तहत अपना पंजीकरण तक नहीं कराया था। 2023-24 तक कंपनी ने ऑफिस बंद कर दिए और मुख्य आरोपी विदेश भाग गया।

सीबीआई ने दी जांच की सहमति

अदालत में सीबीआई की ओर से पेश हुए अधिकारी ने बताया कि केंद्र सरकार ने इस मामले की जांच के लिए एजेंसी की अनुमति दे दी है। इसके बाद ही कोर्ट ने जांच के आदेश जारी किए। इस फैसले को पीड़ितों के लिए एक बड़ी कानूनी जीत के रूप में देखा जा रहा है।

इस मामले ने राज्य में वित्तीय अनियमितताओं और निवेशकों की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। अब न्यायालय के हस्तक्षेप के बाद उम्मीद की जा रही है कि पीड़ितों को न्याय मिल सकेगा और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई होगी।

ऐसी और भी खबरें पढ़ने के लिए बने रहें merouttarakhand.in के साथ।
Subscribe our Whatsapp Channel
Like Our Facebook & Instagram Page
RELATED ARTICLES

Most Popular

Recent Comments