देहरादून। समावेश और समानता की मिसाल कायम करते हुए, डीड्स संस्था की ओर से शहर में अनूठे ‘साइलेंट बिस्त्रो’ (Silent Bistro) का शुभारंभ किया गया। इस रेस्तरां की खास बात यह है कि यहाँ पर सेवाएं देने वाला पूरा स्टाफ श्रवण बाधित (Deaf) है, जो अपनी मेहनत और हुनर से ‘कमी’ नहीं, बल्कि ‘काबिलियत’ की भाषा बोल रहा है।
उद्घाटन समारोह के मुख्य अतिथि उत्तराखंड के पर्यटन मंत्री सतपाल महाराज और उनकी धर्मपत्नी अमृता रावत ने इस पहल की सराहना करते हुए इसे समाज के लिए एक महत्वपूर्ण कदम बताया। कार्यक्रम की शुरुआत बजाज इंस्टीट्यूट ऑफ लर्निंग के श्रवण बाधित छात्रों के मनमोहक गढ़वाली नृत्य से हुई।

मंत्री महाराज ने कहा, “डीड्स संस्था विशेष बच्चों को स्वावलंबी बनाने की दिशा में उत्कृष्ट कार्य कर रही है। उत्तराखंड में पाक-कला के क्षेत्र में असीम संभावनाएँ हैं और यहाँ के स्थानीय उत्पादों से तैयार व्यंजनों को देश-विदेश तक पहुँचाया जा सकता है।” उन्होंने मेनू में शामिल पेस्टो पिज़्ज़ा, बुरांश चीज़केक और बुरांश लेमन सोडा जैसे नवाचारों की विशेष तारीफ की।
उन्होंने बिस्त्रो के स्वामी राहुल बजाज को इस साहसिक और सराहनीय पहल के लिए बधाई दी और कहा कि यह प्रयास समाज में एक नई दिशा प्रदान करेगा। यह बिस्त्रो न केवल स्वादिष्ट भोजन का केंद्र बनेगा, बल्कि समावेशन और सशक्तिकरण का एक जीवंत प्रतीक भी बनेगा।

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