हरिद्वार। एक बेहतर भविष्य के सपने को साकार करते हुए, हरिद्वार के जिलाधिकारी मयूर दीक्षित ने राजकीय प्राथमिक विद्यालय अपर रोड नं 34 और 41 का औचक निरीक्षण किया। इस दौरे का उद्देश्य इन स्कूलों की स्थिति का जायजा लेना था, जो लंबे समय से जर्जर हालत में थे। उनके साथ भाजपा जिलाध्यक्ष आशुतोष शर्मा और एचआरडीए के उपाध्यक्ष अंशुल सिंह भी मौजूद थे।
निरीक्षण के दौरान, जिलाधिकारी ने पाया कि दोनों स्कूलों के भवन काफी पुराने और जीर्ण-शीर्ण हो चुके हैं। कुछ दिन पहले ही एक बंद पड़े कमरे की दीवार क्षतिग्रस्त हो गई थी, जिससे छात्रों की सुरक्षा पर सवाल खड़ा हो गया था। इस गंभीर स्थिति को देखते हुए, जिलाधिकारी ने तत्काल प्रभाव से प्रधानाचार्य को निर्देश दिए कि वे बच्चों की कक्षाएं केवल सुरक्षित स्थानों पर ही चलाएं।

मॉडल स्कूल का प्रस्ताव
इस स्थिति को बदलने के लिए, जिलाधिकारी ने हरिद्वार रुड़की विकास प्राधिकरण (एचआरडीए) को एक महत्वपूर्ण जिम्मेदारी सौंपी है। उन्होंने एचआरडीए को जल्द से जल्द दोनों स्कूलों को मॉडल स्कूल में बदलने का प्रस्ताव तैयार करने के निर्देश दिए हैं। इन मॉडल स्कूलों में बच्चों को बेहतर शिक्षा के साथ-साथ आधुनिक सुविधाएं भी मिलेंगी। प्रस्ताव में कंप्यूटर रूम, म्यूजिक रूम, स्पोर्ट्स रूम, और आर्ट रूम जैसी सुविधाओं को शामिल करने पर जोर दिया गया है।
गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और पोषण पर जोर
जिलाधिकारी ने सिर्फ भवन की स्थिति पर ही ध्यान नहीं दिया, बल्कि शिक्षा की गुणवत्ता पर भी विशेष जोर दिया। उन्होंने प्रधानाचार्य और शिक्षकों को बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा देने और मध्याह्न भोजन की गुणवत्ता पर भी ध्यान रखने के निर्देश दिए। उन्होंने यह सुनिश्चित करने के लिए कहा कि बच्चों को मानक और तय रोस्टर के अनुसार भोजन उपलब्ध कराया जाए।
इस दौरान, स्कूल के प्रधानाचार्य ने बताया कि प्राथमिक विद्यालय नं 34 में 122 और प्राथमिक विद्यालय नं 41 में 89 छात्र-छात्राएं पढ़ रहे हैं। जिलाधिकारी ने जिला शिक्षा अधिकारी आशुतोष भंडारी को इन जर्जर भवनों को गिराने के लिए आवश्यक कार्रवाई करने के भी निर्देश दिए हैं।

इस महत्वपूर्ण पहल से न केवल छात्रों की सुरक्षा सुनिश्चित होगी, बल्कि उन्हें एक आधुनिक और प्रेरणादायक माहौल में पढ़ने का अवसर मिलेगा। यह कदम सरकारी स्कूलों को निजी स्कूलों के बराबर लाने की दिशा में एक बड़ा प्रयास साबित हो सकता है।
निरीक्षण के दौरान नगर मजिस्ट्रेट कुश्म चौहान, खंड शिक्षा अधिकारी बृजपाल सिंह राठौर, प्रधानाचार्य सपना रानी और शिक्षिका सुनीता जोशी सहित कई अन्य अधिकारी और शिक्षक मौजूद थे।

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