
पौड़ी। आपदा प्रबंधन के लिए नियुक्त प्रभारी मंत्री सुबोध उनियाल ने आज पौड़ी गढ़वाल जिले में आपदा से हुई हानियों की समीक्षा के लिए एक उच्च-स्तरीय बैठक की। बैठक में जिलाधिकारी स्वाति एस. भदौरिया ने मंत्री को आपदा से हुई क्षति और राहत कार्यों का विस्तृत ब्यौरा दिया।
जिलाधिकारी ने बताया कि हाल की आपदा से 338 गाँव प्रभावित हुए हैं, जहाँ सड़क, पेयजल, बिजली और आवासीय क्षति जैसी गंभीर समस्याएँ उत्पन्न हुई हैं। इन समस्याओं के समाधान के लिए त्वरित कार्रवाई करते हुए राहत कार्यों को गति दी गई है। उन्होंने कहा कि बिजली और पानी की आपूर्ति बहाल करने, बंद पड़े मार्गों को खोलने और प्रभावित परिवारों तक राशन तथा अन्य आवश्यक सामग्री पहुँचाने का काम प्राथमिकता से किया गया है।
पेयजल, बिजली, सड़क और स्वास्थ्य पर विशेष ध्यान
मंत्री सुबोध उनियाल ने आपदा से हुई क्षति की गंभीरता को देखते हुए अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि इस मुश्किल घड़ी में पेयजल, बिजली, सड़क और स्वास्थ्य सेवाएँ प्रशासन की सबसे पहली प्राथमिकता होनी चाहिए। उन्होंने संवेदनशील क्षेत्रों की पहचान करने और भविष्य की आपदाओं से बचाव के लिए एहतियाती कदम उठाने का भी निर्देश दिया।
उन्होंने साफ तौर पर कहा कि नदी के किनारे या उसके कैचमेंट क्षेत्र में किसी भी तरह के निर्माण कार्य पर पूरी तरह से रोक लगाई जाए। पेयजल पाइपलाइन के खुले रहने पर नाराजगी जाहिर करते हुए उन्होंने तुरंत सुधार के निर्देश दिए। सड़क निर्माण के संबंध में उन्होंने विभिन्न विभागों को आपसी तालमेल के साथ काम करने को कहा, ताकि एक ही सड़क को बार-बार न खोदना पड़े। साथ ही, उन्होंने यह भी अनिवार्य किया कि किसी भी बड़े निर्माण कार्य से पहले भारतीय भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण (GSI) की रिपोर्ट ज़रूर ली जाए।
जनता की सुरक्षा हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता
मंत्री ने अधिकारियों को जनता के हित में निडर होकर काम करने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने स्वर्गाश्रम क्षेत्र में एक नया बिजली सब-स्टेशन बनाने और लोक निर्माण विभाग को नालियों की सफाई कराने के निर्देश दिए। जुलेड़ी क्षेत्र में पानी की समस्या का संज्ञान लेते हुए उन्होंने तत्काल कार्रवाई के आदेश दिए।
उनियाल ने कहा कि राज्य सरकार हर आपदा प्रभावित परिवार के साथ मजबूती से खड़ी है। उन्होंने जिला प्रशासन की कठिन परिस्थितियों में तत्परता और संवेदनशीलता के साथ राहत कार्य करने के लिए सराहना की। उन्होंने कहा, “हमारी जिम्मेदारी है कि हम संवेदनशील क्षेत्रों को चिह्नित करके भविष्य में इस तरह की हानियों को कम करने के लिए एक ठोस कार्ययोजना बनाएँ।”
इस बैठक में नगर पंचायत जौंक की अध्यक्ष बिंदिया अग्रवाल, अपर जिलाधिकारी अनिल गर्ब्याल, उप जिलाधिकारी रेखा आर्य, सीएमओ शिव मोहन शुक्ला समेत कई विभागों के अधिकारी और स्थानीय नागरिक मौजूद रहे। स्थानीय जनता ने अपनी समस्याओं से भी मंत्री को अवगत कराया, जिस पर त्वरित निस्तारण के निर्देश दिए गए।

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