14 राज्य और दो देशों में बैठा चुके हैं अपनी विद्या का डंका
पिथौरागढ़। सीमांत जनपद पिथौरागढ़ की माटी ने एक बार फिर अपनी प्रतिभा-धनी संतान से देश-विदेश में अपना नाम रोशन कराया है। खड़कनी गांव के रहने वाले युवा ज्योतिषाचार्य विमल पांडेय ने ज्योतिष के क्षेत्र में एक ऐसी मिसाल कायम की है, जो नौजवानों के लिए प्रेरणा का स्रोत बन गई है। मात्र कम आयु में ही उन्होंने अपनी अद्भुत काल गणना और ज्योतिषीय दक्षता से पूरे देश में पहचान बनाई है।
जीवन चंद्र पांडेय और पुष्पा देवी के घर 1 अप्रैल 1999 को जन्मे विमल पांडेय ने ज्योतिषशास्त्र को न सिर्फ अपना पेशा बनाया, बल्कि इसे समाजसेवा से जोड़कर एक नई परिभाषा गढ़ी है। आज ज्योतिषाचार्य विमल पांडेय का नाम देश के 14 राज्यों और दो विदेशी यात्राओं तक में गूंज चुका है। राजनीति, खेल जगत और अन्य क्षेत्रों की जानी-मानी हस्तियां उनसे नियमित ज्योतिषीय परामर्श लेती हैं।
विमल पांडेय का मानना है कि ज्योतिष का उद्देश्य केवल भविष्य बताना नहीं, बल्कि लोगों के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाना और “सर्वे भवन्तु सुखिनः” के विचार को चरितार्थ करना है। उनका समर्पण और ज्ञान यह साबित करता है कि सही मेहनत और लगन से कोई भी सीमांत इलाके का युवा दुनिया में अपनी विशेष पहचान बना सकता है। उनकी इस उपलब्धि से पूरा पिथौरागढ़ गर्वान्वित है।

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