देहरादून। जिलाधिकारी सविन बंसल ने बुधवार को आपदा प्रभावित दूरस्थ किमाडी-कंडरियाणा गांव का दौरा कर प्रभावितों की समस्या सुनी और आपदा से उपजे हालात एवं क्षति का जायजा लिया। पूर्ण रूप से कट-ऑफ इस क्षेत्र में पहुंचने के लिए डीएम सहित पूरा प्रशासनिक अमला आज फिर ऑन ग्राउंड हुआ। टीम ने गाढ, गदेरे, ढौंड-ढंगार लांघते हुए 05 किलोमीटर का दुर्गम मार्ग पैदल पार किया। डीएम ने कहा कि आपदा की इस घड़ी में प्रशासन पूरी तरह से प्रभावित परिवारों के साथ खड़ा है और अंतिम व्यक्ति को राहत पहुंचाए बिना चैन से नहीं बैठेगा।
दो दिन में मूलभूत सुविधाएं बहाल करने के निर्देश
डीएम ने राहत कार्यों की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए कि खेत, खलियान, निजी भवन, ग्रामीण मार्ग, पुलिया, बिजली-पानी को 02 दिन के भीतर दुरूस्त कर लिया जाए। उन्होंने तहसीलदार समेत वरिष्ठ अधिकारियों को प्रभावित क्षेत्रों में ही कैंप करने के निर्देश दिए हैं ताकि समस्याओं का तत्काल निस्तारण हो सके। अधिकारियों को राहत एवं रेस्टोरेशन कार्यों में कोई कोर कसर न छोड़ने को कहा गया है।


विस्थापन की मांग पर कमेटी गठित
ग्रामीणों ने बताया कि अतिवृष्टि के कारण भीतरली कंडरियाणा में कुछ भवनों में दरारें आई हैं, दो गौशालाएं क्षतिग्रस्त हुई हैं और कृषि भूमि को भारी नुकसान पहुंचा है। गांव को जोड़ने वाला पैदल पुल बह गया है। सबसे गंभीर बात यह है कि दोनों तरफ भूस्खलन और नदी कटान के कारण 11 भवनों को खतरा बन गया है। ग्रामीणों की विस्थापन की मांग पर जिलाधिकारी ने उन्हें आश्वस्त किया कि खतरे की जद में आए परिवारों के विस्थापन का प्रस्ताव शीघ्र ही शासन को भेजा जाएगा और विस्थापन प्रक्रिया शुरू करने के लिए समिति गठित कर दी गई है।
क्षति आकलन कर तत्काल मुआवजा वितरण का आदेश
जिलाधिकारी ने तहसीलदार और लोक निर्माण विभाग के जेई को गांव में आंशिक, तीक्ष्ण और पूर्ण क्षति वाले मकानों का सर्वे आज ही कर रिपोर्ट उपलब्ध कराने के निर्देश दिए, ताकि प्रभावितों को राहत राशि वितरित की जा सके। इसी प्रकार, एडीओ कृषि और उद्यान को भी गांव में स्टेशन रहते हुए क्षतिग्रस्त कृषि भूमि एवं फसल क्षति की रिपोर्ट तत्काल उपलब्ध कराने को कहा गया है, जिससे प्रभावितों को क्षति का मुआवजा वितरित किया जा सके।

सड़क बहाली 28 सितंबर तक, राशन कार्ड के लिए कैंप कल
पीएमजीएसवाई अधिशासी अभियंता ने बताया कि करीब 8.4 किलोमीटर मोटर मार्ग 13 स्थानों पर क्षतिग्रस्त हुआ है और अब केवल 1.5 किलोमीटर मार्ग अवरुद्ध है, जिसे 28 सितंबर तक सूचारु कर लिया जाएगा। पेयजल लाइन रेस्टोरेशन का काम प्रगति पर है, और गांव में फिलहाल वैकल्पिक व्यवस्था से पानी आपूर्ति की जा रही है।
गांव में राशन कार्ड में नए नाम जोड़ने की समस्या पर डीएम ने डीएसओ को कल ही गांव में शिविर लगाकर समस्या का निराकरण करने के निर्देश दिए।
निरीक्षण के दौरान मुख्य विकास अधिकारी अभिनव शाह, सिटी मजिस्ट्रेट प्रत्यूष सिंह, जिला विकास अधिकारी सुनील कुमार, डीएसओ केके अग्रवाल सहित सडक, पेयजल, विद्युत, सिंचाई एवं तहसील व ब्लॉक के अधिकारी और कर्मचारी मौजूद रहे।



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