उत्तराखण्ड फिल्म विकास परिषद की पहल पर पांच दिवसीय एक्टिंग कार्यशाला का शुभारंभ

देहरादून। राज्य में फिल्म उद्योग और स्थानीय प्रतिभाओं को प्रोत्साहन देने के उद्देश्य से गुरुवार को सूचना एवं लोक संपर्क विभाग के सभागार में पांच दिवसीय एक्टिंग कार्यशाला की शुरुआत हुई। इस कार्यशाला का आयोजन ‘नेक्स्ट लेवल’ और ‘संभव कला मंच’ के संयुक्त तत्वावधान में किया गया है। कार्यशाला का शुभारंभ दीप प्रज्वलन कर महानिदेशक सूचना एवं मुख्य कार्यकारी अधिकारी उत्तराखण्ड फिल्म विकास परिषद बंशीधर तिवारी, सुप्रसिद्ध कास्टिंग डायरेक्टर एवं प्रोड्यूसर पराग मेहता, अपर निदेशक उद्योग शिखर सक्सेना और नोडल अधिकारी फिल्म विकास परिषद डॉ. नितिन उपाध्याय ने संयुक्त रूप से किया।

मुख्य अतिथि बंशीधर तिवारी ने अपने संबोधन में कहा कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के विजन का ही परिणाम है कि आज उत्तराखण्ड में फिल्म उद्योग को बढ़ावा मिल रहा है। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री धामी के निर्देशानुसार राज्य में नई फिल्म नीति लागू की गई है, जो अन्य राज्यों की तुलना में अधिक आकर्षक और लाभकारी है। उन्होंने कहा कि उत्तराखण्ड सरकार द्वारा अनुदान की राशि भी अन्य राज्यों की तुलना में अधिक दी जा रही है, जिससे फिल्म निर्माताओं और स्थानीय कलाकारों दोनों को लाभ मिलेगा। श्री तिवारी ने कहा कि उत्तराखण्ड में प्रतिभाओं की कोई कमी नहीं है, आवश्यकता है उन्हें सही मंच प्रदान करने की। इसीलिए फिल्म विकास परिषद ने नवीन पहल करते हुए इस प्रकार की कार्यशालाओं की शुरुआत की है। उन्होंने आशा जताई कि बॉलीवुड के कास्टिंग डायरेक्टर और प्रोड्यूसर पराग मेहता के अनुभवों से स्थानीय कलाकारों को बड़ा लाभ मिलेगा और भविष्य में भी ऐसी कार्यशालाओं का आयोजन होता रहेगा।

बॉलीवुड कास्टिंग डायरेक्टर और प्रोड्यूसर पराग मेहता ने उत्तराखण्ड की प्राकृतिक सुंदरता और समृद्ध संभावनाओं की सराहना की। उन्होंने कहा कि उत्तराखण्ड शूटिंग के लिए एक बेहतरीन और आकर्षक गंतव्य है। उनका प्रयास रहेगा कि भविष्य में अधिक से अधिक बॉलीवुड फिल्में यहां शूट हों, जिससे न केवल राज्य को पहचान मिले बल्कि स्थानीय कलाकारों के लिए भी नए अवसर सृजित हों। उन्होंने राज्य सरकार और आयोजकों को इस कार्यशाला के लिए सहयोग देने पर धन्यवाद भी दिया।

अपर निदेशक उद्योग शिखर सक्सेना ने कहा कि फिल्म उद्योग को राज्य में अनुकूल वातावरण प्रदान करने के लिए उद्योग विभाग पूरी तरह तत्पर है। उन्होंने बताया कि फिल्म निर्माताओं की सुविधा के लिए सिंगल विंडो सिस्टम को और सरल एवं सुलभ बनाया गया है, जिससे किसी भी फिल्म मेकर को शूटिंग की अनुमति लेने में कठिनाई न हो।

नोडल अधिकारी फिल्म विकास परिषद एवं संयुक्त मुख्य कार्यकारी अधिकारी डॉ. नितिन उपाध्याय ने कहा कि उत्तराखण्ड की नई फिल्म नीति को राष्ट्रीय स्तर पर काफी सराहा जा रहा है। इसे विशेष रूप से आकर्षक और कलाकार हितैषी बनाया गया है। उन्होंने बताया कि स्थानीय कलाकारों को प्रोत्साहन देने के लिए अनुदान राशि और विभिन्न प्रोत्साहन प्रावधान नीति में शामिल किए गए हैं। इस कार्यशाला को उन्होंने स्थानीय प्रतिभाओं के निखार और उन्हें फिल्मी मंच पर आगे बढ़ाने की दिशा में अहम कदम बताया।

कार्यक्रम का संचालन संभव कला मंच के अभिषेक मैंदोला ने किया। इस अवसर पर ‘नेक्स्ट लेवल’ से संजय बिष्ट, रजत कुमार, नियो फरर्स्वाण तथा ‘संभव कला मंच’ से अनुराग जोशी, देवशाली, सुधीर और कुणाल शमशेर मल्ला सहित अनेक कलाकार और प्रतिनिधिगण उपस्थित रहे।

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