वन प्रशासन में महिला शक्ति का उदय प्रशासनिक दृष्टि से महत्वपूर्ण
देहरादून। भारतीय वन सेवा में महिला नेतृत्व को नई ऊंचाई मिल रही है। वर्ष 1992 बैच की अधिकारी भारती (सिक्किम कैडर) ने आज इंदिरा गांधी राष्ट्रीय वन अकादमी (IGNFA), देहरादून की निदेशक के रूप में कार्यभार संभाल लिया। वे डॉ. जगमोहन शर्मा का स्थान लेंगी, जो 30 सितंबर को सेवानिवृत्त हुए।
यह नियुक्ति केवल एक पदभार नहीं, बल्कि वन प्रशासन में महिला नेतृत्व के नए युग की शुरुआत है। भारती IGNFA की पहली महिला निदेशक बनी हैं, और उनके साथ ही देहरादून स्थित एफआरआई परिसर की चारों प्रमुख संस्थाओं—IGNFA, ICFRE, FRI और DFE—की कमान अब महिला अधिकारियों के हाथों में आ गई है।
वर्तमान में डॉ. रेणु सिंह (IFS, 1990 बैच, मध्य प्रदेश कैडर) वन अनुसंधान संस्थान (FRI) की निदेशक हैं। ICFRE की महानिदेशक कंचन देवी और वन शिक्षा निदेशालय (DFE) की प्रमुख भी महिला अधिकारी हैं, जो वानिकी शिक्षा और अनुसंधान को नई दिशा दे रही हैं।
यह बदलाव न केवल प्रशासनिक दृष्टि से महत्वपूर्ण है, बल्कि यह संकेत भी देता है कि वन सेवा में महिलाओं की भागीदारी और नेतृत्व अब निर्णायक मोड़ पर है। एफआरआई परिसर अब महिला नेतृत्व की मिसाल बन चुका है, जहां नीति निर्माण से लेकर प्रशिक्षण तक, हर स्तर पर महिलाएं अग्रणी भूमिका निभा रही हैं।

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