उत्तरकाशी के पत्रकार की रहस्यमयी मौत पर कांग्रेस हमलावर, सीबीआई जांच की माँग
देहरादून। उत्तरकाशी के साहसी पत्रकार राजीव प्रताप की संदिग्ध मौत ने पूरे राज्य को झकझोर दिया है। पत्रकार की मौत पर कांग्रेस ने गंभीर सवाल उठाते हुए इसे लोकतंत्र पर हमला करार दिया है। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष करन माहरा ने आरोप लगाया कि राजीव प्रताप की मौत को प्रशासन जल्दबाज़ी में हादसा बताने की कोशिश कर रहा है, जबकि परिजनों ने हत्या की आशंका जताई है।
करन माहरा ने कहा कि राजीव प्रताप ने हाल ही में उत्तरकाशी ज़िला अस्पताल की बदहाली और भ्रष्टाचार पर साहसपूर्वक रिपोर्टिंग की थी। इसके बाद उन्हें लगातार धमकियाँ मिल रही थीं और वीडियो हटाने का दबाव बनाया जा रहा था। माहरा ने सवाल उठाया कि जब शासन-प्रशासन को इन धमकियों की जानकारी थी तो पत्रकार को सुरक्षा क्यों नहीं दी गई ? क्या सरकार की नज़र में एक ईमानदार पत्रकार की जान की कोई कीमत नहीं है?
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि आज हालात ऐसे हैं कि सच लिखना और जनता की आवाज़ उठाना मौत को न्योता देने जैसा हो गया है। उन्होंने प्रशासन पर आरोप लगाया कि परिवार की आशंकाओं को दरकिनार कर मामले को साधारण हादसा साबित करने का प्रयास किया जा रहा है। “आखिर सरकार किस बात से डर रही है? क्या उसे आशंका है कि सच्चाई सामने आने पर उसकी पोल खुल जाएगी?”—माहरा ने सवाल किया।
उन्होंने माँग की कि इस पूरे प्रकरण की जांच केवल उच्चस्तरीय और तटस्थ एजेंसी ही कर सकती है। कांग्रेस पार्टी की यह माँग है कि मामले की जांच सीबीआई या किसी विशेष जांच दल की निगरानी में कराई जाए और पत्रकारों को मिल रही धमकियों पर तत्काल ठोस कार्रवाई हो।
करन माहरा ने कहा कि राजीव प्रताप केवल एक पत्रकार नहीं थे, बल्कि उन असंख्य नागरिकों की आवाज़ थे जिनकी उम्मीदें सत्ता तक पहुँचनी चाहिए थीं। उनकी मौत लोकतंत्र के लिए चेतावनी है कि यदि अब भी चुप्पी साधी गई तो कल हर वह आवाज़ दबा दी जाएगी जो सच कहने का साहस करेगी। उन्होंने आश्वस्त किया कि कांग्रेस पार्टी मृतक पत्रकार के परिवार के साथ खड़ी है और न्याय की इस लड़ाई को अंत तक लड़ेगी।

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