देहरादून, 4 अक्टूबर। राजधानी देहरादून में निवेशकों की मेहनत की कमाई को हड़पने वाली तीन कंपनियों—सर्व माइकोफाइनेंस इंडिया एसोसिएशन कंपनी, दून समृद्धि निधि लिमिटेड और दून इन्फ्राटेक कंपनी—के खिलाफ पुलिस ने बुधवार को बड़ा मामला दर्ज किया है। इन कंपनियों ने भोले-भाले लोगों को *दैनिक जमा, आवृत्ति जमा, फिक्स्ड डिपॉजिट, मंथली इनवेस्टमेंट प्लान* और *सुकन्या प्लान* जैसी लोकलुभावन स्कीमों का लालच देकर भारी रकम निवेश कराई, लेकिन भुगतान की तय अवधि समाप्त होने के बावजूद निवेशकों की मूल धनराशि लौटाने से बचती रहीं।
ठगी का शिकार हुए कई निवेशकों ने अपनी शिकायत वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक देहरादून को प्रार्थना पत्र के ज़रिए दर्ज कराई। एसएसपी ने मामले को गंभीरता से लेते हुए कंपनियों की गतिविधियों की जांच के आदेश दिए। जांच में स्पष्ट हुआ कि कंपनियों ने अतिरिक्त ब्याज और मुनाफे का प्रलोभन देकर लोगों के पैसे जमा कराए और फिर रकम लौटाने में टाल-मटोल शुरू कर दी। जब शिकायतें बढ़ीं, तो कंपनियों के मुख्य संचालक फरार हो गए।


पुलिस ने 3 अक्टूबर को थाना नेहरू कॉलोनी में *मु0अ0सं0: 348/25, धारा: 22/4 अनियमित जमा योजनाओं पर प्रतिबंध अधिनियम, 3 उत्तराखण्ड जमाकर्ताओं के हितों का संरक्षण अधिनियम व 316(2), 318(4), 61(2) बीएनएस* के तहत मुकदमा दर्ज किया। साथ ही, सभी संबंधित बैंक खातों को सीज कर लिया गया है।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक ने पीड़ितों को भरोसा दिलाया है कि मामले में पुलिस गंभीरता से विस्तृत विवेचना कर रही है और सभी फरार संचालकों की गिरफ्तारी के प्रयास तेज कर दिए गए हैं। निवेशकों को सतर्क रहने और ऐसी भ्रामक योजनाओं से बचने की सलाह भी दी गई है।


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