देहरादून/डोईवाला। डोईवाला क्षेत्र में गत दिनों हुई चोरी की वारदात का आखिरकार दून पुलिस ने खुलासा कर दिया है। पुलिस ने शानदार कार्रवाई करते हुए इस मामले में संलिप्त पांच अभियुक्तों को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से चोरी किया गया सामान भी बरामद कर लिया। सभी अभियुक्त बेरोजगार और नशे के आदी बताए जा रहे हैं, जिन्होंने नशे की पूर्ति के लिए इस चोरी की घटना को अंजाम दिया था।
कोतवाली डोईवाला पुलिस के अनुसार, *श्रीमती कुसुम असवाल* पत्नी *वीर भद्र सिंह असवाल*, निवासी *देवघाम कॉलोनी, डोईवाला* ने पुलिस को दी तहरीर में बताया कि वे परिवार सहित किसी निजी कार्य से बाहर गई थीं। जब वे घर लौटीं, तो देखा कि अज्ञात चोर गैस सिलिंडर, इनवर्टर बैटरी, कैमरा और कुछ नकदी चोरी कर ले गए। पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए *धारा 305ए बीएनएस* के तहत मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक देहरादून के निर्देश पर कोतवाली डोईवाला की टीम गठित की गई। टीम ने घटनास्थल और आसपास के सीसीटीवी फुटेज खंगाले तथा मुखबिर तंत्र को सक्रिय किया। लगातार चेकिंग और निगरानी के बाद पुलिस को सफलता उस समय मिली जब 4 अक्टूबर 2025 को मुखबिर की सूचना पर *कुड़कावाला कब्रिस्तान के पास* से पांच संदिग्ध युवकों को गिरफ्तार किया गया।
गिरफ्तार अभियुक्त हैं —
*नदीम पुत्र नसुबुद्दीन (21 वर्ष), शाहरुख पुत्र शराफत (20 वर्ष), शहजाद पुत्र मोहम्मद इरफान (20 वर्ष), अरुण पुत्र भूरा (20 वर्ष), और शाहरुख पुत्र शमशाद (26 वर्ष)*, सभी निवासी कुड़कावाला क्षेत्र, थाना डोईवाला के बताए जा रहे हैं। पूछताछ में उन्होंने स्वीकार किया कि वे नशे के आदी हैं और कामधंधे के अभाव में नशे की जरूरतें पूरी करने के लिए चोरी की योजना बनाई थी।
पुलिस ने उनके कब्जे से एक गैस सिलिंडर, एक इनवर्टर बैटरी और एक कैमरा बरामद किया है, जिसकी कुल कीमत लगभग 25 हजार रुपये आंकी गई है।
इस सफलता में *उपनिरीक्षक राजनारायण व्यास* के नेतृत्व में *हेड कॉन्स्टेबल अब्दुल रहीम, देवेंद्र नेगी, सिपाही लाखन सिंह, सत्यवीर, रंजन सैनी और आशीष शर्मा (एसओजी)* की अहम भूमिका रही।
दून पुलिस की इस त्वरित कार्रवाई ने न सिर्फ चोरी की इस वारदात का पर्दाफाश किया, बल्कि क्षेत्र में अपराधियों के मनोबल को भी तोड़ने का काम किया है। पुलिस अब यह भी जांच कर रही है कि क्या इन अभियुक्तों का संबंध इलाके की अन्य घटनाओं से है।

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