डीएम भदौरिया की सख्ती: कोटद्वार तहसील में वसूली में तेजी और पुराने वाद फास्ट ट्रैक करने के निर्देश

अविवादित नामांतरण के लिए लगेंगे विशेष कैंप, अवैध पटाखों के भंडारण पर होगी सख्त कार्रवाई

पौड़ी गढ़वाल। जिलाधिकारी (डीएम) स्वाति एस. भदौरिया ने आज कोटद्वार तहसील कार्यालय का औचक निरीक्षण किया और कार्यालय के कामकाज में अनियमितताओं पर सख्त रुख अख्तियार किया। उन्होंने अभिलेखों को सुव्यवस्थित रखने, वसूली में धीमी प्रगति पर नाराजगी जताते हुए इसमें तेजी लाने और सालों से लंबित पड़े पुराने वादों को ‘फास्ट ट्रैक’ कर शीघ्र निस्तारित करने के निर्देश दिए हैं।

निरीक्षण के दौरान डीएम भदौरिया ने विभिन्न अभिलेखों और न्यायालयी रिकॉर्डों का गहन अवलोकन किया। उन्होंने वसूली की समीक्षा करते हुए अमीनों की अधिक संख्या के बावजूद धीमी प्रगति पर गहरी नाराजगी व्यक्त की। जिलाधिकारी ने वसूली की दैनिक कार्यवाही को पंजिका में दर्ज करने के साथ ही, परिसर में प्रदर्शित दस बड़े बकायेदारों की सूची पर प्रभावी कार्रवाई के निर्देश दिए।

न्यायालयी प्रक्रिया में सुधार लाते हुए उन्होंने सबसे पुराने लंबित वादों की पत्रावलियों को तुरंत फास्ट ट्रैक करने और उनका निस्तारण प्राथमिकता के आधार पर सुनिश्चित करने को कहा। डीएम ने एसडीएम कोर्ट की केस डायरी में अस्पष्ट प्रविष्टियों पर भी नाराजगी जताई और निर्देश दिए कि वादों की सुनवाई की तिथि पीठासीन अधिकारी स्वयं निर्धारित करें और नियमित रूप से कोर्ट में बैठें।

सुशासन पर जोर देते हुए जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि प्रमाणपत्रों एवं जनता की शिकायतों का निस्तारण समयबद्ध तरीके से किया जाए। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि न केवल शिकायतों का समाधान करें, बल्कि निस्तारण के बाद आवेदक को भी इसकी सूचना अवश्य दी जाए। अविवादित नामांतरण प्रकरणों के शीघ्र निपटारे के लिए उन्होंने विशेष कैम्प आयोजित करने के निर्देश दिए, ताकि आम जनता को राहत मिल सके।

कानून व्यवस्था के मोर्चे पर डीएम भदौरिया ने कहा कि बिना लाइसेन्स के पटाखों का भंडारण और विक्रय किसी भी हाल में नहीं किया जाएगा। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि चिह्नित सुरक्षित स्थानों पर ही विक्रय की अनुमति हो और इसका नियमित निरीक्षण सुनिश्चित किया जाए।

डीएम ने इस बात पर जोर दिया कि तहसीलों में अभिलेखों का सुव्यवस्थित रखरखाव, पारदर्शी वसूली व्यवस्था और त्वरित निस्तारण ही सुशासन की पहचान है। निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने स्थानीय नागरिकों, पूर्व सैनिकों और अधिवक्ताओं से भी बातचीत की और उन्हें प्रशासनिक स्तर पर समस्याओं के त्वरित समाधान का आश्वासन दिया।
निरीक्षण में उपजिलाधिकारी शालिनी मौर्य, तहसीलदार साक्षी उपाध्याय, कानूनगो अतर सिंह सहित अन्य अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।

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