पौड़ी के चार निजी स्कूलों में हुईं घोर अनियमितताएं, अब सीबीसीआईडी करेगी जांच
पौड़ी। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के आदेशों की धज्जियां उड़ाने और निजी स्कूल प्रबंधकों को बचाने का आरोप शिक्षा विभाग के उप सचिव विभूति रंजन पर लगा है। पौड़ी जिले के चार निजी विद्यालयों में लाखों रुपये की अनियमित नियुक्तियों और फर्जी दस्तावेजों के मामले की जांच अब सीबीसीआईडी करेगी। सीएम के आदेश के बाद उप सचिव विभूति रंजन पर कार्रवाई की तलवार लटक गई है।
मामला पौड़ी जिले के चार निजी विद्यालयों का है:
1. इंटर कॉलेज, डांगीधार: लिपिक पद पर मोटी रकम लेकर अनियमित नियुक्ति।
2. इंटर कॉलेज, जखेटी: लिपिक पद पर अनियमितता के आरोप।
3. उच्चतर माध्यमिक विद्यालय, कोटागढ़: फर्जी जाति प्रमाण पत्र का इस्तेमाल।
4. इंटर कॉलेज, गढ़कोट मांडलू: जशोदा देवी की नियुक्ति पर सवाल।
यह मामला 2022 से लटका हुआ था। शिकायतकर्ता राजेश सिंह राजा कोली ने सीधे मुख्यमंत्री से शिकायत की, जिसके बाद सीएम धामी ने इसकी एसआईटी से जांच के आदेश दिए।

आरोप है कि उप सचिव विभूति रंजन ने मुख्यमंत्री के स्पष्ट निर्देशों को अनदेखा कर दिया और एसआईटी जांच के बजाय एक समिति गठित कर दी, जिससे प्रबंधकों को फायदा पहुंचाने की कोशिश हुई। यही नहीं, पूर्व में शिक्षा निदेशक सीमा जौनसारी समेत वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा की गई जांच, जिसमें प्रबंधकों को दोषी पाया गया था, उसे भी विभूति रंजन ने दरकिनार कर दिया।
राजेश सिंह राजा कोली द्वारा एक बार फिर सीएम से शिकायत करने पर मुख्यमंत्री धामी ने सख्ती दिखाई है। उन्होंने न केवल इन चारों स्कूलों की सीबीसीआईडी जांच के आदेश दिए हैं, बल्कि उप सचिव विभूति रंजन के खिलाफ भी कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। अब विभाग में हड़कंप मचा है और कहा जा रहा है कि अगर सीबीसीआईडी जांच हुई तो विभूति रंजन जेल भी जा सकते हैं।
अब सबकी नजर इस बात पर टिकी है कि क्या सीएम के इस सख्त आदेश का पालन हो पाता है या फिर इसे दबाने की कोई और साजिश रची जाती है।
यहां देखें शिकायत पत्र व मुख्यमंत्री कार्यालय के आदेश




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