राज्य कर विभाग कर्मचारियों ने काली पट्टियाँ बांध कर जताया विरोध, आज 17 अक्टूबर को गेट मीटिंग का ऐलान

देहरादून। राज्य कर विभाग की मांगे लंबे समय से लंबित रहने पर उत्तराखण्ड राज्य कर मिनिस्ट्रीयल स्टाफ एसोसिएशन का आंदोलन लगातार तेज़ हो रहा है। आंदोलन के दूसरे चरण के दसवें दिन, कर्मचारियों ने प्रदेशभर में काली पट्टी बांधकर राजकीय कार्य करते हुए सरकार के प्रति विरोध दर्ज कराया।

एसोसिएशन के प्रांतीय अध्यक्ष जगमोहन सिंह नेगी, संरक्षक भरत सिंह राणा, संगठन मंत्री सुरेश शर्मा, सलाहकार मनमोहन नेगी एवं प्रांतीय प्रवक्ता सुनील निर्जन के नेतृत्व में राज्यभर के कर्मचारियों ने अपनी 10 सूत्रीय मांगों को लेकर सरकार के संरक्षणवादी रवैये पर नाराज़गी जताई।

देहरादून में शाखा अध्यक्ष जसवंत खोलिया और मंत्री पिंकेश रावत के नेतृत्व में मुख्यालय के कर्मचारियों ने विरोध प्रकट किया। इसी क्रम में लक्ष्मी रोड देहरादून शाखा अध्यक्षा महिमा कुकरेती और शाखा मंत्री निशा जुयाल के नेतृत्व में भी कर्मचारियों ने काली पट्टी बांधकर कार्य किया। विरोध में पूर्व अध्यक्ष वीरी रावत, टीका राम सती, बिरेन्द्र तोमर, भूपेन्द्र सिंह भण्डारी, अनुज जैन, आशीष चन्द्र, अनुराग असवाल, अरविन्द्र चौहान, अमित कोठारी, दीपेन्द्र, रोजी सिंह, मुकेश, सतविन्दर कौर, शीतल, ज्योति पटवाल, बीना मैठाणी समेत अन्य कर्मचारी उपस्थित रहे।

कर्मचारियों का कहना है कि उत्तराखण्ड की कुल राजस्व प्राप्ति में राज्य कर विभाग का योगदान 50 प्रतिशत से अधिक होने के बावजूद विभागीय कर्मचारियों के संरचनात्मक ढांचे में वर्ष 2006-07 से कोई वृद्धि नहीं हुई है। जबकि अधिकारियों के ढांचे में 35 प्रतिशत की वृद्धि की गई है। वर्तमान में अधिकारियों के लिए कुल 481 पद स्वीकृत हैं, जबकि कर्मचारियों के पदों की संख्या मात्र 777 पर अटकी हुई है।

एसोसिएशन ने राज्य सरकार पर पक्षपातपूर्ण रवैया अपनाने का आरोप लगाया और कहा कि विभाग में पंजीकृत व्यापारियों की संख्या जीएसटी लागू होने के बाद 1 लाख से बढ़कर 2.13 लाख तक पहुंच गई है, जिससे कर्मचारियों पर काम का दबाव बढ़ा है।

मुख्य मांगों में कर्मचारियों के ढांचे का पुनर्गठन, नई नियमावली बनाने, समय पर पदोन्नति, विभाग को परित्याग नियमावली से मुक्त करने और आवास की सुविधा जैसी बातें शामिल हैं।

एसोसिएशन ने चेतावनी दी है कि यदि 16 अक्टूबर तक सरकार ने उनकी मांगों पर सकारात्मक निर्णय नहीं लिया, तो 17 अक्टूबर को प्रदेशभर में सभी कार्यालयों में सुबह 11 से 12 बजे तक गेट मीटिंग कर अगला चरण शुरू किया जाएगा।

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