देहरादून। रायपुर स्थित ऑप्टो इलेक्ट्रॉनिक फैक्ट्री (OLF) में डेटा एंट्री ऑपरेटर के रूप में कार्यरत 13 कर्मचारियों को 11 माह का कांट्रैक्ट पूरा होने के बाद नौकरी से निकाल दिया गया। कर्मचारियों का आरोप है कि उनके स्थान पर नए ठेकेदार द्वारा उत्तर प्रदेश से नए लोगों की नियुक्ति कर दी गई, जबकि उन्हें पुनर्नियुक्ति में वरीयता देने के बजाय प्रति व्यक्ति 80 हजार रुपये रिश्वत की मांग की गई।
अपनी मांगों को लेकर आंदोलनरत कर्मचारियों को इंडियन नेशनल ट्रेड यूनियन कांग्रेस (इंटक) का समर्थन मिला। इंटक के जिला अध्यक्ष अनिल कुमार और यूथ इंटक के प्रदेश अध्यक्ष पंकज सिंह क्षेत्री सोमवार को फैक्ट्री गेट पहुंचे और प्रदर्शन कर रहे कर्मचारियों का साथ दिया।
अनिल कुमार ने कहा कि ठेकेदारी प्रथा उत्तराखंड के युवाओं के भविष्य को कमजोर कर रही है और यह शोषण अब सहन नहीं किया जाएगा। वहीं, यूथ इंटक के प्रदेश अध्यक्ष पंकज सिंह क्षेत्री ने कहा कि केंद्र व राज्य सरकारें ठेकेदारी व्यवस्था के माध्यम से युवाओं के साथ खिलवाड़ कर रही हैं।
इस बीच, फैक्ट्री के चीफ जनरल मैनेजर हरीश कुमार ने प्रदर्शनकारियों को आश्वासन दिया कि समस्या के समाधान के लिए जल्द कदम उठाए जाएंगे।
प्रदर्शन में अभिनय बिष्ट, निकिता बत्रा, स्वाति, निशा, मीनाक्षी सैनी, रीता रानी, कावेरी, शूरवीर तोमर, सचिन कुमार, मयंक थापा, हिमांशु, अंकित चौहान और निशु तोमर सहित सभी 13 प्रभावित कर्मचारी मौजूद रहे।

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