हरिद्वार में सिख समाज और पुलिस प्रशासन के बीच हरकी पैड़ी स्नान को लेकर तनातनी, SDM ने दिलाया आश्वासन

हरिद्वार। श्री गुरु नानक देव जी के प्रकाश पर्व के उपलक्ष्य में हर वर्ष की भाँति इस बार भी सिख समाज का एक जत्था हरिद्वार स्थित हरकी पैड़ी पर स्नान और मत्था टेकने के लिए रवाना हुआ, किंतु इस बार यात्रा के दौरान पुलिस प्रशासन और सिख समाज के बीच हल्की नोकझोंक की स्थिति उत्पन्न हो गई।

जानकारी के अनुसार, दिनांक 5 नवंबर 2025 को श्री गुरु नानक देव जी धर्म प्रचार समिति के अध्यक्ष सुब्बा सिंह ढिल्लों के नेतृत्व में सिख समाज का जत्था दिनारपुर सिंह सभा गुरुद्वारा से हरकी पैड़ी, हरिद्वार के लिए रवाना हुआ था। लेकिन रास्ते में थाना पथरी क्षेत्र के डांडी चौक पर पुलिस प्रशासन ने बैरिकेड लगाकर जत्थे को रोक दिया और आगे बढ़ने से मना कर दिया।

इस रोक को लेकर सिख समाज के प्रतिनिधियों और पुलिसकर्मियों के बीच बहस शुरू हो गई। स्थिति को बिगड़ता देख मौके पर पहुंचे पुलिस अधिकारियों ने मामले की सूचना एसडीएम हरिद्वार को दी। तत्पश्चात एसडीएम हरिद्वार ने स्थल पर पहुंचकर सिख समाज के प्रतिनिधियों से वार्ता की और मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन प्राप्त किया।

ज्ञापन में सिख समाज ने कहा कि गुरु नानक देव जी ने अपनी यात्राओं के दौरान हरकी पैड़ी, हरिद्वार आकर लोगों को अज्ञान से मुक्ति का संदेश दिया था। यह स्थान गुरु नानक नाम लेवा संगत के लिए अत्यंत पवित्र और ऐतिहासिक महत्व रखता है। ज्ञापन में उल्लेख किया गया कि वर्ष 1978 में नगर निगम हरिद्वार द्वारा सौंदर्यीकरण के नाम पर इस स्थल को अधिग्रहित कर लिया गया था, जो बाद में भारत स्काउट एंड गाइड को सौंप दिया गया, जहाँ अब उनका कार्यालय संचालित है।

सिख समाज ने मांग की कि गुरुद्वारा ज्ञान गोदड़ी साहिब का मूल स्थान हरकी पैड़ी पर ही है, और यह नगर निगम के अभिलेखों में दर्ज भी है। संगत का कहना है कि जैसे श्री राम जन्मभूमि के स्थान का कोई विकल्प स्वीकार्य नहीं है, वैसे ही गुरु नानक नाम लेवा संगत के लिए हरकी पैड़ी का मूल स्थल ही एकमात्र श्रद्धा का केंद्र है।

ज्ञापन में यह भी उल्लेख किया गया कि पिछले कई वर्षों से इस मुद्दे पर शासन-प्रशासन से वार्ता और पत्राचार के बावजूद कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। हर वर्ष प्रकाश पर्व के अवसर पर जब संगत हरकी पैड़ी पर मत्था टेकने जाती है, तो पुलिस प्रशासन उन्हें रोक देता है, जिससे श्रद्धालुओं में आक्रोश व्याप्त है।

सिख समाज की भावनाओं को समझते हुए एसडीएम हरिद्वार ने आश्वासन दिया कि जल्द ही जिलाधिकारी हरिद्वार से बैठक आयोजित कर इस विषय पर समाधान निकालने का प्रयास किया जाएगा। एसडीएम के इस आश्वासन के बाद संगत ने शांति बनाए रखी और अपने-अपने घरों को लौट गई।

मौके पर समिति अध्यक्ष सुब्बा सिंह ढिल्लों, गुरमेल बाजवा, भारतीय किसान यूनियन के गढ़वाल मंडल अध्यक्ष संजय चौधरी सहित अनेक सामाजिक कार्यकर्ता और सिख संगत के सदस्य उपस्थित रहे। उपस्थितजनों में परगट सिंह, मलकीत सिंह, गुरचरण सिंह, जसविंदर सिंह, कुलवीर सिंह, गुरलाल सिंह, गुरविंदर सिंह, सुखविंदर सिंह, जजपाल सिंह, सोनू चीमा, सुरजीत सिंह, यादविंदर सिंह, मंजीत सिंह, बलविंदर कौर, तथा मीडिया प्रभारी विक्रमजीत सिंह विशेष रूप से शामिल रहे।

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