दो वर्षीय अमन का अब एम्स में हो रहा उपचार
देहरादून। जनपद में जिलाधिकारी सविन बंसल द्वारा जनता दर्शन में की गई एक संवेदनशील पहल से अब एक दो वर्षीय मासूम बच्चे को नया जीवन मिलने की उम्मीद जगी है। दरअसल, बीते 10 नवम्बर को हुई जनदर्शन बैठक में जनपद के मजदूर परिवार की महिला सुधा ने व्यथित मन से जिलाधिकारी के समक्ष अपने दो वर्षीय बीमार पुत्र अमन के उपचार के लिए गुहार लगाई थी। सुधा का कहना था कि उसका पति मजदूरी कर परिवार का पालन-पोषण करता है, जिससे बच्चे का महंगा उपचार कराना उसके बस में नहीं है।
मां की पीड़ा सुनते ही जिलाधिकारी सविन बंसल ने तत्काल मुख्य चिकित्साधिकारी को बालक के समुचित उपचार की जिम्मेदारी सौंपी और उपजिलाधिकारी (मुख्यालय) अपूर्वा सिंह को उपचार की मॉनिटरिंग का दायित्व दिया। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि यदि सरकारी अस्पताल में उपचार संभव न हो तो बच्चे का इलाज निजी चिकित्सालय या हायर सेंटर में कराया जाए, ताकि किसी भी स्तर पर बच्चे के उपचार में विलंब न हो।
जिलाधिकारी के निर्देश के अनुपालन में स्वास्थ्य विभाग की टीम ने दो वर्षीय अमन की जांच दून चिकित्सालय में करवाई। बाल रोग विशेषज्ञों की टीम ने जांच के बाद बच्चे को बेहतर उपचार के लिए एम्स ऋषिकेश रेफर करने की सलाह दी। इसके बाद अमन को एम्स में भर्ती कराया गया, जहां अब संस्थान के वरिष्ठ बाल रोग विशेषज्ञों की देखरेख में उसका उपचार किया जा रहा है।
उधर, उपजिलाधिकारी (मुख्यालय) अपूर्वा सिंह स्वयं उपचार की प्रगति की नियमित मॉनिटरिंग कर रही हैं और परिजनों से संपर्क बनाए हुए हैं। प्रशासन की सक्रियता से सुधा के परिवार को बड़ी राहत मिली है और अब उन्हें अपने बच्चे के जल्द स्वस्थ होने की उम्मीद है।
इस पूरे प्रकरण में जिलाधिकारी की त्वरित संवेदनशीलता और प्रशासनिक तत्परता एक बार फिर यह साबित करती है कि जनता से सीधे संवाद का परिणाम सकारात्मक बदलाव और मानवीय राहत के रूप में सामने आता है।

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