हरिद्वार। राज्यभर की आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों ने सरकार से अपने मानदेय में वृद्धि की मांग को लेकर अनिश्चितकालीन धरना और क्रमिक अनशन का आगाज कर दिया है। उत्तराखंड राज्य आंगनबाड़ी कर्मचारी संघ के नेतृत्व में यह जानकारी हरिद्वार प्रेस क्लब में आयोजित प्रेस वार्ता में दी गई , जिसमें बड़ी संख्या में कार्यकत्रियों ने भाग लिया।
संघ की प्रदेश अध्यक्ष सुशीला खत्री ने बताया कि वर्तमान में आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों को मात्र ₹9300 मासिक मानदेय मिलता है, जबकि वे सरकार की योजनाओं को जमीनी स्तर पर लागू करने में अहम भूमिका निभाती हैं। उन्होंने मांग की कि यह राशि बढ़ाकर ₹24000 की जाए ताकि कार्यकत्रियों को उनके परिश्रम के अनुरूप सम्मान मिल सके।
सुशीला खत्री ने आरोप लगाया कि सरकार और संबंधित विभागों ने बार-बार की गई मांगों और आंदोलनों को नजरअंदाज किया है। वर्ष 2024 में सरकार ने एक समिति का गठन किया था ताकि मानदेय बढ़ाने पर विचार किया जा सके, लेकिन वह समिति आज तक कोई ठोस निर्णय नहीं ले पाई। कार्यकत्रियों का कहना है कि उन्हें विभागीय कार्यों के अलावा अन्य विभागों का कार्य भी सौंपा जा रहा है, जिससे उनका शोषण हो रहा है।
संघ ने चेतावनी दी है कि जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं होतीं, आंदोलन जारी रहेगा। प्रेस वार्ता में प्रदेश महामंत्री ममता बादल, संरक्षक लक्ष्मी बिष्ट, उपाध्यक्ष सत्या, जिला अध्यक्ष कविता चौधरी, सहसचिव पूनम और मीना देवी सहित कई पदाधिकारी मौजूद रहे।
मुख्य मांगें:
– ₹9300 से बढ़ाकर ₹24000 मासिक मानदेय
– विभागीय और अतिरिक्त कार्यों के लिए उचित सम्मान और सुविधा
– 2024 में बनी समिति की रिपोर्ट सार्वजनिक की जाए
यह आंदोलन राज्यभर की आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों की आवाज बनता जा रहा है, जो अपने अधिकारों के लिए अब पीछे हटने को तैयार नहीं हैं।

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