कपाट बंद होने से पूर्व संस्कृति एवं साहित्य कला परिषद की उपाध्यक्ष ने बद्रीनाथ में की पूजा-अर्चना, राज्य की सुख-समृद्धि के लिए मांगा आशीर्वाद
बद्रीनाथ/देहरादून। उत्तराखंड सरकार की संस्कृति एवं साहित्य कला परिषद की उपाध्यक्ष मधु भट्ट ने शीतकाल के लिए कपाट बंद होने से पूर्व भगवान बद्रीविशाल के दर्शन किए। इस अवसर पर उन्होंने धाम में विशेष पूजा-अर्चना कर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में देश और प्रदेश की निरंतर प्रगति, खुशहाली और संस्कृति के संरक्षण के लिए मंगलकामना की।
श्रीमती भट्ट ने बद्रीनाथ धाम में बद्री-केदार मंदिर समिति (बीकेटीसी) के उपाध्यक्ष ऋषि प्रसाद सती और मुख्य कार्याधिकारी (सीईओ) विजय थपलियाल से शिष्टाचार भेंट की। उन्होंने धाम में उपस्थित अन्य श्रद्धालुओं के साथ मिलकर भक्तिमय वातावरण में भगवान नारायण की आराधना की और मुख्य पुजारी रावल जी से प्रसाद ग्रहण किया।


‘उत्तर से दक्षिण को जोड़ती है हमारी सनातन परंपरा’
दर्शन उपरांत अपने विचार व्यक्त करते हुए मधु भट्ट ने भारतीय संस्कृति की एकता और आदिगुरु शंकराचार्य की दूरदर्शिता पर गहरा प्रकाश डाला। उन्होंने कहा, “हिमालय की गोद में स्थित बद्रीनाथ धाम में सुदूर दक्षिण भारत (केरल) के नंबूदरीपाद ब्राह्मणों द्वारा परंपरागत पूजन किया जाना, भारतीय संस्कृति को एक सूत्र में पिरोने का अद्भुत उदाहरण है। यह आदिगुरु शंकराचार्य जी द्वारा स्थापित गुरु-शिष्य परंपरा ही है, जो सदियों से भारत की अखंडता को बनाए हुए है।”

उन्होंने जोर देकर कहा कि हमें इस महान और अक्षुण्ण संस्कृति को संरक्षित रखने के लिए सामूहिक प्रयास करने चाहिए। देश के कोने-कोने से आने वाले श्रद्धालुओं की आस्था का सम्मान और अपनी विरासत का संरक्षण ही उत्तराखंड का परम कर्तव्य है।

Recent Comments