देहरादून। उपनल कर्मचारियों के चल रहे आंदोलन को मंगलवार को बड़ी सफलता मिली, जब मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में हुई एक उच्चस्तरीय बैठक में सरकार ने उनकी सभी मांगों को स्वीकार कर लिया। हालाँकि, कर्मचारियों ने इसे अपनी ‘अधूरी जीत’ बताते हुए शासनादेश जारी होने तक आंदोलन जारी रखने का फैसला किया है।
मुख्यमंत्री आवास में हुई इस महत्वपूर्ण बैठक में सरकार की ओर से सचिव कार्मिक शैलेश बगौली, प्रमुख सचिव वित्त आर.के. सुधांशु, सचिव मुख्यमंत्री विनय शंकर पांडे और सचिव सैनिक कल्याण दीपेंद्र चौधरी जैसे वरिष्ठ अधिकारियों ने भाग लिया। उपनल कर्मचारी महासंघ के एक प्रतिनिधि मंडल ने कर्मचारियों की ओर से अपनी बात रखी। करीब 16 दिनों से चल रहे आंदोलन के बाद सरकार और कर्मचारियों के बीच यह सीधा संवाद संभव हो सका।
प्रदेश संयोजक विनोद गोदियाल ने बताया, “बैठक सकारात्मक रही और सरकार ने हमारी मांगों को मान लिया है। यह हमारे संघर्ष की एक बड़ी जीत है। लेकिन हमारा अनुभव कहता है कि शासनादेश जारी होने तक सतर्क रहना जरूरी है। इसीलिए आंदोलन तब तक जारी रहेगा।”

उन्होंने कहा कि सरकार पर कर्मचारियों की उम्मीदें बनी हुई हैं और मुख्यमंत्री द्वारा दिए गए वादे पर अमल होगा, ऐसा विश्वास है। शासनादेश जारी होते ही हड़ताल वापस ले ली जाएगी और सभी कर्मचारी श्रद्धापूर्वक अपने कर्तव्यों का पालन करेंगे।
इस बैठक में कर्मचारियों की ओर से हरीश कोठारी, महेश भट्ट, विनय प्रसाद, जगत राम भट्ट, अजय डबराल और पी.एस. बोरा जैसे वरिष्ठ नेता मौजूद रहे। माना जा रहा है कि सरकार के इस रुख से लंबे समय से चले आ रहे इस मुद्दे का समाधान नजदीक है।

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