नई दिल्ली । वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय द्वारा आयोजित बोर्ड ऑफ ट्रेड बैठक में उत्तराखंड के कृषि एवं ग्राम्य विकास मंत्री गणेश जोशी ने राज्य की निर्यात चुनौतियों को प्रमुखता से उठाया। बैठक में उन्होंने केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल से आग्रह किया कि खाद्य प्रसंस्करण उत्पादों की गुणवत्ता जांच हेतु एपिडा की आधुनिक परीक्षण प्रयोगशाला उत्तराखंड में स्थापित की जाए।
मंत्री जोशी ने कहा कि वर्तमान में राज्य के किसानों और निर्यातकों को अपने उत्पादों की अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप जांच के लिए चंडीगढ़, लखनऊ और गाजियाबाद जैसे शहरों पर निर्भर रहना पड़ता है। इससे समय और धन दोनों की हानि होती है तथा प्रतिस्पर्धी बाजारों में उत्तराखंड के उत्पादों को अतिरिक्त चुनौतियों का सामना करना पड़ता है। उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि राज्य में ही टेस्टिंग लैब उपलब्ध हो जाए तो कृषि उत्पादों की गुणवत्ता और विश्वसनीयता में उल्लेखनीय वृद्धि होगी।
कृषि मंत्री के आग्रह को गंभीरता से लेते हुए केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने बैठक में उपस्थित एपिडा अधिकारियों को निर्देशित किया कि उत्तराखंड में टेस्टिंग लैब की स्थापना की स्वीकृति प्रदान की जाए। इस निर्णय पर मंत्री गणेश जोशी ने केंद्रीय मंत्री का आभार जताते हुए कहा कि इससे विशेषकर फल, सब्जी और खाद्य प्रसंस्करण उद्योग को बड़ा लाभ मिलेगा।

बैठक में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के प्रतिनिधि के रूप में प्रतिभाग करते हुए मंत्री जोशी ने बताया कि राज्य में निर्यात प्रोत्साहन नीति 2021 लागू है, जिसका लक्ष्य अगले पाँच वर्षों में निर्यात को 15,000 करोड़ से बढ़ाकर 30,000 करोड़ रुपये तक पहुंचाना है। वर्तमान में उत्तराखंड से फार्मा, प्लास्टिक, केमिकल और ऑटोमोबाइल उत्पादों का निर्यात UAE, USA और सिंगापुर सहित अन्य देशों को किया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि पंतनगर और काशीपुर में दो ICD संचालित हैं तथा हरिद्वार में एक नया ICD निर्माणाधीन है। निर्यात नीति 2021 और लॉजिस्टिक नीति 2023 ने राज्य की निर्यात क्षमता को मजबूत आधार प्रदान किया है। साथ ही प्रधानमंत्री द्वारा शुरू किया गया अंब्रेला ब्रांड “हाउस ऑफ हिमालयास” उत्तराखंड के कृषि एवं उद्यानिकी उत्पादों को वैश्विक बाजार में नई पहचान दिला रहा है।

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