रजत जयंती वर्ष : डीएम सविन बंसल की सौगात, ‘आरोहण’ सभागार लोकार्पित, 100 वर्षीय बुजुर्ग सम्मानित

देहरादून: राज्य स्थापना की रजत जयंती के अवसर पर सोमवार का दिन देहरादून के पेंशनरों के लिए नई सौगातें और सम्मान लेकर आया। जिलाधिकारी सविन बंसल ने मुख्य कोषागार परिसर में आयोजित एक भव्य कार्यक्रम के दौरान पेंशन जागरूकता एवं निःशुल्क चिकित्सा शिविर का उद्घाटन किया। इस मौके पर जिलाधिकारी ने पेंशनरों की सुविधाओं में विस्तार करते हुए जिला योजना से 25 लाख रुपये की लागत से नवनिर्मित ‘‘आरोहण’’ सभागार का लोकार्पण किया, जिससे अब बुजुर्ग पेंशनरों को आधुनिक सुविधाएं मिल सकेंगी। इसके साथ ही, कोषागार के तकनीकी सुदृढ़ीकरण के लिए डीएम ने मौके पर ही कार्यालय को 10 नए कंप्यूटर देने की भी स्वीकृति प्रदान की।

कार्यक्रम का सबसे भावुक क्षण वह रहा जब जिलाधिकारी ने जीवन के 100 वर्ष पूर्ण कर चुकीं बुजुर्ग पेंशनर प्रेमवती डोभाल को शॉल और प्रतीक चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया। इसके अलावा, राज्य आंदोलनकारी बुजुर्ग पेंशनरों—गायत्री ढौडियाल, कौशल्या रावत, सरोज सिंह बहुगुणा और राजेश्वर को भी उनके संघर्ष और योगदान के लिए सम्मानित किया गया। जिलाधिकारी ने मौके पर ही गायत्री ढौडियाल के पेंशन भुगतान आदेश (पीपीओ) को आधिकारिक मंजूरी भी दी। अपने संबोधन में जिलाधिकारी ने कहा कि कोषागार आने वाले प्रत्येक बुजुर्ग को सम्मान और अधिकार मिलना चाहिए। उन्होंने पेंशनरों से सेवानिवृत्त जीवन में भी स्वस्थ रहने, पढ़ने की आदतें बनाए रखने और अपने अनुभवों से समाज सेवा में योगदान देने की अपील की।

मुख्य कोषाधिकारी नीतू भंडारी ने बताया कि कार्यभार ग्रहण करते समय डीएम सविन बंसल ने कोषागार का निरीक्षण किया था और इसे पेंशनरों के लिए अधिक सुगम बनाने के निर्देश दिए थे। उन्हीं की प्रेरणा से आज यहां फेसिलिटेशन हॉल, दिव्यांगजन व महिलाओं के लिए शौचालय, पार्किंग शेड और अब ‘आरोहण’ सभागार बनकर तैयार हुआ है। शिविर के दौरान पेंशनरों को डिजिटल लाइफ सर्टिफिकेट (जीवन प्रमाण पत्र) जमा करने की प्रक्रिया, साइबर सुरक्षा, आयकर अधिनियम और चिकित्सा प्रतिपूर्ति जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर जानकारी दी गई। बताया गया कि जनपद के लगभग 21,000 पेंशनर अब घर बैठे एंड्राइड ऐप, पोस्टमैन या जन सुविधा केंद्र के माध्यम से बायोमेट्रिक तरीके से अपना जीवन प्रमाण पत्र जमा कर सकते हैं।

इस अवसर पर मुख्य विकास अधिकारी अभिनव शाह ने शिविर को अत्यंत उपयोगी बताते हुए भविष्य में जिले के दूरस्थ क्षेत्रों में भी उप-कोषागारों के माध्यम से ऐसे जागरूकता शिविर आयोजित करने की बात कही, ताकि ग्रामीण क्षेत्रों के पेंशनरों को भी लाभ मिल सके। शिविर में बड़ी संख्या में पहुंचे पेंशनरों की स्वास्थ्य जांच कर उन्हें निःशुल्क दवाएं भी वितरित की गईं।

कार्यक्रम में सेवानिवृत्त सीटीओ पीसी खर्रे, पेंशन यूनियन संघ के अध्यक्ष ओमवीर सिंह और कोषागार विभाग के अन्य अधिकारी भी मौजूद रहे।

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